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उत्तराखंड में शहीद आश्रितों का मुआवजा 5 गुना बढ़ा, अब मिलेगी कितनी रकम – Uttarakhand

Compensation for martyr dependents increased 5 times in Uttarakhand, how much amount will be given nowCompensation for martyr dependents increased 5 times in Uttarakhand, how much amount will be given nowइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून। देश की आन, बान और शान की हिफाजत के लिए प्राणों को बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों के आश्रितों को अब से उत्तराखंड सरकार अनुग्रह अनुदान के रूप में 50 लाख रुपये देगी। सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव सुनील सिंह ने सोमवार को इसका आदेश जीओ जारी कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल 26 जुलाई को इसकी घोषणा की थी। अब तक अनुग्रह अनुदान की राशि 10 लाख रुपये थी। अनुग्रह अनुदान की बढ़ी दर बीती 26 जुलाई 2024 से लागू होगी।मुख्यमंत्री धामी की घोषणा के बाद से वित्त विभाग के स्तर से लगातार नई दर लागू करने की तारीख को लेकर आपत्तियां लगाई जा रही थीं। सैनिक कल्याण और वित्त विभाग के बीच उलझे रहने से यह मामला लंबा खिंच गया था। बीती 16 मई की कैबिनेट बैठक में सीएम ने तिथि का विवाद भी हल कर दिया। सैनिकों से जुड़ा विषय होने की वजह से मुख्यमंत्री स्वयं इस विषय की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे।इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने सैनिकों, शहीदों, शहीद आश्रितों और पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनुग्रह अनुदान में वृद्धि का आदेश जारी कर दिया गया है।‘हिन्दुस्तान’ ने उठाया था यह मुद्दाआपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ इस विषय को लगातार प्रमुखता से उठाता रहा है। 12 जुलाई 2024 को ‘हिन्दुस्तान’ ने सबसे पहले इस मुद्दे पर रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए बताया था कि देश को औसतन सर्वाधिक सैनिक देने वाले उत्तराखंड में शहीद आश्रितों के अनुदान राशि कम है। ‘हिन्दुस्तान’ने शहीदों के आश्रितों की अन्य समस्याओं पर भी लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। इनका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने 26 जुलाई 2024 को कारगिल विजय दिवस के दिन शहीद आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए चार घोषणाएं की थीं। इनमें केवल अनुग्रह अनुदान के 10 लाख से बढ़कर 50 लाख करने की घोषणा ही बाकी रह गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज वित्त विभाग की औपचारिक स्वीकृति जारी होते ही सैनिक कल्याण विभाग ने भी जीओ जारी कर दिया।

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