
देहरादून: उत्तराखंड में केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा का नाम बदलने के फैसले ने सियासी माहौल गरमा दिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) का नाम अब बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB G RAM G) किया जाएगा।
इस फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीते बुधवार को गांधी पार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे बैठकर प्रदर्शन करा। उनका कहना था कि मनरेगा महात्मा गांधी की याद और उनके सपनों से जुड़ी योजना है, इसलिए इसका नाम बदलना सही नहीं है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने इस पर पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस को मनरेगा से नहीं बल्कि ‘राम’ नाम से दिक्कत है। उन्होंने आयोध्या का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
केंद्र सरकार का कहना है कि नाम बदलने का मकसद योजना को और प्रभावी और व्यापक बनाना है। हालांकि, कांग्रेस इसे इतिहास और गांधी की विरासत से छेड़छाड़ मान रही है।
सियासत के इस बहाने से राज्य में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और चर्चा का विषय बनी हुई है।
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