

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)प्रदेश के 27 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लग सकता है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में टैरिफ आदेश की समीक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की है, जिस पर अब जनसुनवाई होगी।यूपीसीएल ने इस साल 11 अप्रैल को जारी हुए टैरिफ आदेश की समीक्षा की मांग की है। इसके तहत बिजली दरों में 5.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थीं। नियामक आयोग ने यूपीसीएल की मांग पर कैंची चलाई थी। अब यूपीसीएल ने खर्चों के मिलान के बाद उपभोक्ताओं से 674.77 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूलने की मांग की है।यह रकम पिछले खर्च और आने वाले खर्चों पर आधारित है। यूपीसीएल की इस मांग से बिजली की दरों में 5.82 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। मांग की गई है कि एक अप्रैल 2025 से ये दरें लागू की जाएं।किस मद में कितना बजट मांगाखर्च का नाम 2023-24 2025-26 कुलपावर खरीद खर्च 74.86 74.86 149.72अवमूल्यन 22.95 20.27 43.22लोन पर ब्याज 42.45 37.49 79.93इक्विटी पर रिटर्न 35.06 30.97 66.03वर्किंग कैपिटल पर ब्याज 129.09 129.09 258.18मरम्मत व रखरखाव खर्च 82.27 82.27 164.54कार्यशील पूंजी पर ब्याज 3.07 7.77 10.84कुल अतिरिक्त एआरआर 232.62 382.72 615.34लेवी और अन्य खर्च 59.43 59.43 615.34पांच अगस्त को जनसुनवाई, सुझाव एक अगस्त तक भेजेंउत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के सचिव नीरज सती के मुताबिक, यूपीसीएल की रिव्यू पिटीशन पर प्रदेशभर से एक अगस्त तक सुझाव भेजे जा सकते हैं। ये सुझाव सचिव, उत्तराखंड इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन, विद्युत नियामक भवन, आईएसबीटी के पास, माजरा, देहरादून-248171 या ईमेल [email protected] पर भेज सकते हैं। इस याचिका पर पांच अगस्त को सुबह 11:30 बजे आयोग कार्यालय में जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी उपभोक्ता अपनी राय रख सकता है। याचिका नियामक आयोग वेबसाइट, कार्यालय, यूपीसीएल मुख्यालय, गढ़वाल जोन कार्यालय, कुमाऊं जोन कार्यालय में देखी जा सकती है।
