देहरादून: अमेरिका-इजराइल का ईरान से युद्ध, पूरी दुनिया में न केवल एनर्जी सेक्टर के लिए चिंता बना हुआ है, बल्कि तमाम देशों की अर्थव्यवस्था तक पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है. भारत में LPG गैस सिलिंडर के लिए पैदा हुई घबराहट भी इसी से जोड़कर देखी जा रही है. बड़ी बात ये है कि अब शादियां भी इसकी जद में आती हुई दिखाई दे रही हैं. जानिए मिडिल ईस्ट में शुरू हुई वॉर से क्या है शादियों का कनेक्शन.
अमेरिका-इजराइल का ईरान से युद्ध लाया नई मुसीबत: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चिंता में डाल दिया है. इस टकराव का असर केवल ऊर्जा क्षेत्र या शेयर बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है. भारत में भी इसके असर के संकेत मिलने लगे हैं. खास तौर पर एलपीजी गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने कई तरह की परेशानियां खड़ी कर दी हैं.
शादी ब्याह की दावतों पर संकट: सबसे ज्यादा चिंता अब उन परिवारों को सता रही है, जिनके घरों में आने वाले दिनों में शादी समारोह होने वाले हैं. होटल व्यवसायियों, कैटरिंग से जुड़े लोगों और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से शादी समारोहों की व्यवस्था करना मुश्किल होता जा रहा है. अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो शादी समारोहों को टालने की नौबत भी आ सकती है.
मिडिल ईस्ट तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है. तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है. कई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के संकेत मिल रहे हैं.
शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है और कई अर्थशास्त्री इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी मान रहे हैं. ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से विभिन्न देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है.
भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता: अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर भारत में एलपीजी गैस सिलिंडर की उपलब्धता पर भी दिखाई देने लगा है. कई जगहों पर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति सीमित कर दी गई है. इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है.
देहरादून में होटल व्यवसाय से जुड़े लोग बताते हैं कि सामान्य दिनों में बड़े होटलों में प्रतिदिन कई सिलिंडर की जरूरत होती है. लेकिन जब आपूर्ति कम हो जाती है तो भोजन तैयार करने की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो जाती है. यही वजह है कि अब शादी समारोहों के लिए की जा रही बुकिंग में भी सावधानी बरती जा रही है.
मौजूदा स्थिति होटल उद्योग के लिए बड़ी चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है. होटल में आने वाले मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था करना पहले से ही एक बड़ा काम होता है. अगर गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हों, तो यह लगभग असंभव हो जाता है. फिलहाल कुछ हद तक इलेक्ट्रिक उपकरणों के जरिए काम चलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बड़े आयोजनों में केवल इसी विकल्प पर निर्भर रहना संभव नहीं है.-प्रणव शर्मा, होटल संचालक-
प्रवण का कहना है कि शादी समारोहों में सैकड़ों मेहमानों के लिए भोजन तैयार करना होता है. इसके लिए पर्याप्त गैस सिलिंडरों की जरूरत होती है. उनका कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले शादियों के सीजन में कई समारोह प्रभावित हो सकते हैं. इसी वजह से होटल अब शादी समारोहों के लिए तय किए जाने वाले मेन्यू में भी बदलाव कर रहे हैं. कई जगहों पर खाने के आइटम सीमित करवाए जा रहे हैं, ताकि कम गैस में भी व्यवस्था संभाली जा सके.
कैटरिंग व्यवसाय पर सबसे ज्यादा दबाव: शादी समारोहों में कैटरिंग का काम करने वाले लोगों पर इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. देहरादून में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े संजय उनियाल बताते हैं कि-
शादी समारोहों के लिए पहले से बुकिंग ली जा चुकी है, लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि भोजन की व्यवस्था कैसे की जाए. व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं. घरेलू सिलिंडर की व्यवस्था भी आसान नहीं है. कई लोग डर के कारण अतिरिक्त सिलिंडर लेने से भी बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि भविष्य में उन्हें खुद गैस की कमी का सामना करना पड़ सकता है.-संजय उनियाल, कैटरर-
संजय कहते हैं कि अगर यही स्थिति रही, तो कई शादी समारोहों को स्थगित करना पड़ सकता है. हालांकि जिन परिवारों ने पहले से तैयारियां कर ली हैं और निमंत्रण पत्र बांट दिए हैं, उनके लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा.
शादी वाले परिवारों की बढ़ी चिंता: एलपीजी आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने उन परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है, जिनके घरों में जल्द शादी समारोह होने वाले हैं. देहरादून की निवासी संगीता डबराल बताती हैं कि-हमारे परिवार में अप्रैल महीने में शादी तय है. शादी की खरीदारी पूरी हो चुकी है. निमंत्रण पत्र भी बांटे जा चुके हैं. अब जब कैटरिंग और होटल बुकिंग के लिए संपर्क किया जा रहा है, तो कई जगहों से या तो खाने के आइटम कम करने की सलाह दी जा रही है, या फिर बुकिंग लेने से ही मना किया जा रहा है.-संगीता डबराल, देहरादून निवासी-
संगीता कहती हैं कि ऐसे में परिवार के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है. शादी को टालना संभव नहीं है. इसलिए अब सभी यही उम्मीद कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा यह तनाव जल्द खत्म हो और गैस सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य हो जाए.
होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी संकट: एलपीजी की कमी का असर केवल शादी समारोहों तक ही सीमित नहीं है. होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है. देहरादून में रेस्टोरेंट चलाने वाले किशोर कुमार शर्मा बताते हैं कि-
सामान्य दिनों में हमारे होटल में रोजाना कई सिलिंडरों की जरूरत होती है. अगर आपूर्ति में कटौती होती है, तो काम चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है. अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो होटल और रेस्टोरेंट को बंद करने की नौबत भी आ सकती है. इससे न केवल कारोबारियों को नुकसान होगा, बल्कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ जाएगी.-किशोर कुमार, रेस्टोरेंट संचालक-
रोजगार पर भी पड़ सकता है असर: होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से हजारों लोग जुड़े हुए हैं. इनमें शेफ, कुक, वेटर, सफाई कर्मचारी और अन्य स्टाफ शामिल होते हैं. अगर गैस की कमी के कारण होटल बंद होने लगते हैं, तो इन कर्मचारियों की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है. व्यवसायियों का कहना है कि धीरे-धीरे हालात बिगड़ते गए तो कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो जाएगा. ऐसी स्थिति में मजबूरन कर्मचारियों को काम से निकालना पड़ सकता है.
चारधाम यात्रा से पहले चिंता: उत्तराखंड के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि राज्य में जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है. हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक चारधाम यात्रा के दौरान राज्य में आते हैं. पर्यटकों के लिए होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जाता है, जिसके लिए एलपीजी सिलिंडरों की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है. यदि गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इससे पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है.।
पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और हजारों लोगों की आजीविका इसी पर निर्भर करती है. इसलिए व्यवसायियों का कहना है कि सरकार को इस दिशा में जल्द समाधान निकालना चाहिए. समाधान की उम्मीद: व्यवसायियों और आम लोगों की उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा तनाव जल्द खत्म होगा और पेट्रोलियम पदार्थों की ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो जाएगी. साथ ही वे सरकार से भी अपील कर रहे हैं कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कम से कम सीमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि होटल और कैटरिंग व्यवसाय पूरी तरह ठप न हों.
एक गैस एजेंसी के प्रोपराइटर विनेश मित्तल कहते हैं कि-
व्यावसायिक गैस सिलिंडर की होटल, ढाबों या रेस्टोरेंट में सप्लाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. अभी केवल यह सिलिंडर शैक्षणिक संस्थानों या अस्पतालों को ही दिए जा रहे हैं. ऐसे में इन व्यवसाय करने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.-विनेश मित्तल, प्रोपराइटर, गैस एजेंसी-
न केवल पर्यटकों का स्वागत करने बल्कि शादी समारोह या दूसरे आयोजनों को करने में परेशानी झेल रहे, वेडिंग पॉइंट स्वामी, कैटरिंग से जुड़े लोग, होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट स्वामियों के सामने कोई विकल्प भी नहीं रह गया है. हालत यह है कि बाजार से डीजल भट्टी, और इंडक्शन जैसे खाना बनाने वाले उपकरण भी खत्म हो चुके हैं. जिन दुकानों में यह सामान बचा है, उसे भी उपभोक्ता हाथों-हाथ खरीद रहे हैं.
देहरादून में सबसे बड़े होलसेल के व्यवसाय शांति फर्म के मालिक अक्षत जैन कहते हैं कि- जो स्थिति अभी बनी हुई है वह हमने आज तक नहीं देखी है. हमारे पिता करीब 40 साल से इस व्यवसाय को कर रहे हैं और जो हालात अभी देहरादून में बने हुए हैं वह आज से पहले कभी नहीं थे. इंडक्शन की बिक्री 10 गुना तक बढ़ चुकी है. बाजार में अब समान ही मौजूद नहीं है. बड़ी बात यह है कि हर दिन इंडक्शन की कीमत भी बढ़ रही है. इसके बावजूद भी उपभोक्ता इसे बड़ी संख्या में खरीद रहे हैं.-अक्षत जैन, शांति फर्म के स्वामी-
अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ युद्ध का असर अब धीरे-धीरे आम लोगों की जिंदगी में भी दिखाई देने लगा है. ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी यह अनिश्चितता अगर लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका प्रभाव केवल उद्योगों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है. फिलहाल लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं, कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या जल्द राहत मिल पाती है या नहीं.
Garhwal Post Bureau Srinagar (Garhwal), 19 Aug: The Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University administration has made significant changes…
The Department of Youth Welfare and Prantiya Rakshak Dal has finalized the framework for the…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Chief Minister Pushkar Singh Dhami, addressing probationers of…
हरिद्वार। वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प के साथ…
representational image The sale of ‘analog paneer’ in the market has now been banned. A…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: A serious allegation…