
आज के डिजिटल युग में साइबर फ्रॉड यानी ऑनलाइन ठगी बहुत तेजी से बढ़ रही है। धोखेबाज अब फोन कॉल, मैसेज, ईमेल, सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के ज़रिए लोगों की निजी जानकारी चुराकर पैसे हड़पते हैं। नीचे इसके सभी जरूरी निर्देश और बचाव के उपाय दिए गए हैं ।
साइबर फ्रॉड के मुख्य प्रकार
1. फिशिंग (Phishing) – फर्जी ईमेल या लिंक से पासवर्ड/बैंक जानकारी चुराना।
2. वॉइस फ्रॉड (Vishing) – बैंक अधिकारी बनकर कॉल करके OTP या PIN पूछना।
3. स्मिशिंग (Smishing) – फर्जी SMS के ज़रिए लिंक पर क्लिक करवाना।
4. डिपफेक (Deepfake) वीडियो/ऑडियो – चेहरा या आवाज़ बदलकर किसी का रूप धारण करना।
5. ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड – नकली वेबसाइट या ऐप से ऑर्डर लेकर पैसा गायब।
6. सोशल मीडिया फ्रॉड – फर्जी प्रोफाइल बनाकर भरोसा जीतना और ठगी करना।
7. जॉब/लॉटरी/इनाम फ्रॉड – झूठे वादों के ज़रिए रकम ऐंठना।
8. क्यूआर कोड और पेमेंट फ्रॉड – स्कैन करवाकर पैसा निकलवाना।
बचाव के जरूरी उपाय
1. OTP, PIN, पासवर्ड कभी साझा न करें।
बैंक या सरकारी संस्था कभी फोन पर यह जानकारी नहीं मांगती।
2. अजनबी लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें।
फर्जी वेबसाइटें असली जैसी दिखती हैं पर डेटा चुरा लेती हैं।
3. कॉल आने पर शांत रहकर सोचें।
डराने या लालच देने वाली कॉल असली नहीं होती।
4. बैंक ऐप्स केवल आधिकारिक वेबसाइट या स्टोर से डाउनलोड करें।
5. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें।
जन्मतिथि, पता, बैंक जानकारी साझा करना खतरनाक है।
6. संदिग्ध लिंक पर ‘रिवर्स सर्च’ करें।
पता चल सकता है कि वह पहले किसी ठगी में इस्तेमाल हुआ था।
7. सुरक्षित पासवर्ड बनाएं।
अक्षर, अंक और प्रतीकों का मिश्रण रखें, हर ऐप/साइट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
8. नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें।
कोई अज्ञात ट्रांजेक्शन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचित करें।
9. साइबर अपराध रिपोर्ट करें।
तुरंत वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
या पुलिस की हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
10. डिवाइस सुरक्षित रखें।
एंटीवायरस अपडेट रखें, फिंगरप्रिंट/पिन लॉक लगाएं, और सार्वजनिक Wi-Fi से ऑनलाइन लेनदेन न करें।
फर्जी कॉल या वीडियो पहचानने के तरीके
1. आवाज़ और चेहरे का तालमेल (Lip Sync) देखें – गड़बड़ी हो तो शक करें।
2. असामान्य कट या झटके दिखें तो डिपफेक हो सकता है।
3. कॉल में जल्दबाज़ी या डराने की कोशिश हो तो असली नहीं।
4. वीडियो या संदेश को रिवर्स सर्च से सत्यापित करें।
क्या करें अगर ठगी हो जाए
1. तुरंत 1930 पर कॉल करें।
2. www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
3. बैंक या ई-वॉलेट सेवा को तुरंत सूचित करें ताकि लेनदेन रोका जा सके।
4. प्रमाण (स्क्रीनशॉट, मैसेज, ट्रांजेक्शन नंबर) सुरक्षित रखें।
5. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर फर्जी अकाउंट रिपोर्ट करें।
साइबर फ्रॉड केवल तकनीकी अपराध नहीं, सामाजिक खतरा भी है। सतर्कता, सत्यापन और जिम्मेदारी से व्यवहार करना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।“सावधानी ही सुरक्षा है सोचकर क्लिक करें, सोचकर साझा करें।”
साइबर फ्रॉड से सबसे ज्यादा जल्दी आपको आप खुद बचा सकते हैं इन नियमों का पालन करके
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