Site icon My Uttarakhand News
Subscribe for notification

कुंभ क्षेत्र को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित करने की मांग तेज,आयोजित होगा विराट हिंदू सम्मेलन – myuttarakhandnews.com

हरिद्वार | कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग के बीच हरिद्वार में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह सम्मेलन 25 जनवरी को हरकी पैड़ी स्थित संजय पुल के समीप दोपहर दो बजे से आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रीगंगा सभा और तीर्थ पुरोहितों की ओर से हिंदू समाज से बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया है।
परिवार सहित पहुंचने की अपील
श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि हिंदू समाज से अनुरोध है कि वे परिवार सहित इस विराट सम्मेलन में सहभागिता करें। उन्होंने बताया कि यह आयोजन कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित करने और उसकी धार्मिक गरिमा को संरक्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
निषेध क्षेत्र बोर्ड के बाद बढ़ी चर्चा
गौरतलब है कि हाल ही में हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर निषेध क्षेत्र के बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बाद से कुंभ और गंगा घाटों की पवित्रता तथा धार्मिक मर्यादाओं को लेकर बहस और तेज हो गई है।
साधु-संत संगठनों की भी मांग
श्रीगंगा सभा के साथ ही कई साधु-संत संगठनों ने कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई है। संगठनों का कहना है कि अमृत क्षेत्र घोषित होने के बाद वहां गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ताकि धार्मिक आस्था और परंपराओं की रक्षा हो सके।
आरएसएस शताब्दी समारोह से जुड़ा आयोजन
आयोजकों के अनुसार, यह विराट हिंदू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। हरकी पैड़ी पर इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जिसे लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
‘सनातन के लिए स्वर्णिम काल’
श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि वर्तमान समय सनातन और हिंदू समाज के लिए स्वर्णिम युग है। उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण इस पीढ़ी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।इसी आत्मगौरव और चेतना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 25 जनवरी को हरकी पैड़ी पर यह विराट सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
आयोजन को लेकर हरिद्वार में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में संतों, श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

Post Views: 1

Post navigation

Exit mobile version