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मॉनसून शुरू होते ही भक्तों को टेंशन, केदारनाथ-बदरीनाथ में 70 फीसदी कम हुए दर्शन – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

As soon as monsoon starts, devotees are worried, darshan in Kedarnath-Badrinath reduced by 70%

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: मॉनसून शुरू होने के साथ ही भक्तों को भी टेंशन होनी शुरू हो गई है। चाधाम रूट और पर्वतीय जिलों में बारिश बारिश की वजह से भक्तजन केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री समेत चारों धामों में दर्शन करने को कम पहुंच रहे हैं। मॉनसून शुरू होते ही चारधाम यात्रियों की संख्या में मई के मुकाबले 70 तक गिरावट आ गई है। मई के महीने में चारधाम में रोजाना 80 हजार तक तीर्थयात्री पहुंच रहे थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 27 हजार तक पहुंच गई है। पूरे यात्रा रूट पर इन दिनों कारोबार में भी 60 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है।लिहाजा, होटल कारोबारियों ने तीर्थयात्रियों को लुभाने के लिए कमरों के रेट घटा दिए हैं। केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए एक ही दिन में 30 हजार यात्री तक पहुंच रहे थे। अब केदारनाथ रोज औसतन छह हजार, बदरीनाथ 14 हजार, गंगोत्री चार हजार और यमुनोत्री तीन हजार यात्री पहुंच रहे हैं।हरिद्वार तेजी से घट रही रजिस्ट्रेशन की संख्याहरिद्वार। बीते शुक्रवार को मात्र 550 लोगों ने ही चारधाम के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। जबकि, एक समय यह संख्या चार हजार के पार जा रही थी। चारधाम के कारोबार में भी 60 फीसदी की कमी आ गई है। परिवहन कारोबारियों के साथ ही होटल कारोबारियों ने भी किराया कम कर दिया है।बारिश के बाद भूस्खलन से सबसे ज्यादा टेंशनचारधाम रूट और पर्वतीय जिलों में बारिश के बाद भूस्ख्लन की वजह से सबसे ज्यादा यात्रियों को टेंशन होती है। भूस्खलन की वजह से अकसर यात्रा रूट पर यात्री फंस जाते हैं। सड़क बंद होने की वजह से यात्रियों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम की समस्या भी बन जाती है।ऋषिकेश 50 तक घटे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशनचारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में 50 फीसदी तक की कमी आई है। तीर्थयात्रियों को होटलों में कमरे की बुकिंग पर भी छूट मिल रही है। चारधाम यात्रा में लगीं ज्यादातर बसें अड्डे पर खड़ी हो गई हैं। अब बहुत कम बसें ही चारधाम जा रही हैं। बरसात के मौसम के चलते यात्रा में कमी आई है।दस जुलाई के बाद बंद होंगी चेकपोस्टपरिवहन विभाग हर साल 30 जून के बाद चेकपोस्ट बंद कर देता है, लेकिन इस बार दस जुलाई के बाद चेकपोस्ट बंद करने की तैयारी है। आरटीओ शैलेश तिवारी ने बताया कि यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है, लेकिन फिर भी कुछ यात्री आ रहे हैं। यात्री वाहनों की चेकिंग के लिए दस जुलाई तक चेकपोस्ट खुली रहेगी।केदारनाथ होटलों का किराया किया कमबरसात शुरू होते ही केदारनाथ यात्रा में कमी आ गई है। प्रतिदिन दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या घटकर छह हजार के करीब आ गई है। होटल-रेस्टोरेंट और परिवहन कारोबारियों की ओर से कोई विशेष पैकेज नहीं दिया जा रहा है। लेकिन, कुछ होटलों में छूट दी जा रही।

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