हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले में इस बार उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने जा रही है। पहली बार मेले की सुरक्षा के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे, जो सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगे। पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ एआई और अन्य माध्यमों से फैलाए जाने वाले भ्रामक, झूठे और भड़काऊ कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई करना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में 10 प्रशिक्षित साइबर कमांडो हरिद्वार में तैनात किए जाएंगे। ये कमांडो आईआईटी समेत अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। 29 जुलाई को पूरी सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के साथ ही साइबर कमांडो मेला कंट्रोल रूम स्थित साइबर सेल से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट पर होगी तत्काल कार्रवाई
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के जरिए अफवाह, फर्जी खबर और एडिटेड वीडियो तेजी से फैलाए जा रहे हैं। कांवड़ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान ऐसी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसे देखते हुए साइबर कमांडो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेंगे और किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट की पहचान होते ही उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
AI से फैलाए जा रहे फर्जी कंटेंट पर भी नजर
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान साइबर फ्रॉड, फर्जी समाचार, एआई से तैयार किए गए भ्रामक वीडियो और भड़काऊ पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सहयोग से साइबर कमांडो तैनात किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी साइबर खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी मामला सामने आते ही संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
इस वर्ष कांवड़ मेले में करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले में 6,000 पुलिसकर्मी, 13 कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी के जवान, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता (BDS), सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है। गंगा घाटों, हाईवे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
पुलिस का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था का दायरा केवल मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
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