जनपद बागेश्वर- विगत 26 नवंबर 2024 को बागेश्वर जनपद के गरूड़ तहसील के अंग्यारी महादेव मंदिर के पुजारी का शव खाई में मिला था ।
जिसके खुलाशे में दो लोगों,पुजारी के शिष्य और गाड़ी चालक को गिरफ्तार किया गया ।
जिनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी बागेश्वर द्वारा बताया गया कि 26 नवंबर को अंग्यारी महादेव मंदिर के पुजारी लाख मुनि महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी व उनका सामान अंग्यारी महादेव मंदिर गेट की तरफ जंगल में बिखरा हुआ था ।
इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान मदन मोहन गुसाईं की तहरीर के आधार पर राजस्व क्षेत्र पिंगलो में धारा 103/238 बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था ।घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुकदमा राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया गया और जांच का जिम्मा थानाध्यक्ष बैजनाथ को सौंपा गया था ।
जांच के दौरान बाबा के नजदीकी दो लोगों से पूछताछ की गई तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। बाबा के वाहन चालक हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 25 नवंबर को बाबा गाड़ी में अंग्यारी महादेव मंदिर के लिए आ रहे थे। रास्ते में उनके द्वारा अपने भक्तों को प्रसाद भी बांटा गया था। शनि पूजा के लिए शराब भी खरीदी थी। जिसको उन्होंने रास्ते में अपने शिष्य अर्जुन गिरि और ड्राइवर हरेंद्र सिंह रावत के साथ पी थी।
अंग्यारी मंदिर गेट पहुंचने तक अंधेरा हो चुका था। मंदिर से पहले संकरे रास्ते में बाबा अलखनाथ रास्ते से फिसलकर नीचे गिर गए जिन्हें अर्जुन और चालक हरेंद्र ने ऊपर निकाला।
वो दोनों बाबा को पकड़कर मंदिर की ओर आने लगे। इस दौरान बाबा ने दोनों से गाली-गलौज शुरू कर दी। जिससे इन दोनों के द्वारा आवेश में आकर सहारा देना छोड़ दिया और बाबा लड़खड़ाते हुए पहाड़ी से नीचे गिर गए।उसके बाद दोनों ने बाबा की गिरने की बात किसी को नहीं बताई। वहीं अगले दिन उनकी लाश मिली।इसी घटना की जॉच में मुखबिर ने बाबा के साथ दो लोगों के दिखने की बात बतायी ।
जिस आधार पर दिनांक 10/12/2024 को जनपद बागेश्वर पुलिस द्वारा उक्त घटना मे लिप्त अभियुक्त बाबा अर्जुन गिरी व उसके सहयोगी चालक हरेन्द्र सिंह रावत को मुकदमा अपराध सख्या 04/24 धारा 105/238 बी.एन.एस. में थाना बैजनाथ के कंधार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों अभियुक्त को मुकदमा उपरोक्त में गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय में पेश किया ।दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया की यदि उस समय हमारे द्वारा बाबा जी के गिरने की सूचना अंग्यारी महादेव में मौजूद बाबा अंगीरा मुनि महाराज व गाँव के लोगों को दी होती तो बाबा जी को बचाया जा सकता था अपनी गलती के लिए पश्चाताप करने लगे।
पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखऱ घोडके द्वारा उक्त मामले के अनावरण हेतु गठित पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा गयी ।
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