डीआईटी यूनिवर्सिटी ने एआई आधारित शिक्षा एवं संस्थागत नवाचार ( इंस्टीट्यूशनल इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए ओपनएआई के साथ की स्ट्राटीजीक साझेदारी –

 
 
 
देहरादून, उत्तराखंड | : तकनीक-आधारित शिक्षा एवं संस्थागत नवाचार ( इंस्टीट्यूशनल इनोवेशन) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करते हुए डीआईटी यूनिवर्सिटी ने आज ओपन ए आई के साथ एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय अपने एआई एवं डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए चैट जीपीटी एजुकेशन को अपनाएगा।
 
इस साझेदारी के साथ डीआईटी यूनिवर्सिटी उन चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल हो गई है, जिन्होंने ओपन ए आई के शिक्षा मंच को अपनाकर एक एआई नेटिव एकेडमिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसका उद्देश्य शिक्षण, लर्निंग , शोध, नए परिवर्तन एवं संस्थागत उत्पादकता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है।
 
यह सहयोग डीआईटी यूनिवर्सिटी के उस विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पूरे संस्थान को एआई-सक्षम भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। यह साझेदारी कंप्यूटिंग स्टडीज़, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, भौतिक विज्ञान, लिबरल आर्ट्स एवं प्रबंधन, आर्किटेक्चर, डिज़ाइन, फार्मेसी, एलाइड हेल्थकेयर एवं नर्सिंग जैसे विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में डीआईटी की बहुविषयक विशेषज्ञता को ओपन एआई की अत्याधुनिक ए आई क्षमताओं के साथ जोड़कर पूरे परिसर में जिम्मेदार, स्केलेबल एआई उपयोग का मॉडल विकसित करेगी।
 
चैट जी पी टी एडू के माध्यम से डीआईटी यूनिवर्सिटी चरणबद्ध तरीके से ओपन ए आई के उन्नत एआई मॉडल्स तक पहुँच उपलब्ध कराएगी। यह सुविधा एंटरप्राइज स्तर की सुरक्षा, डेटा गोपनीयता एवं प्रशासनिक नियंत्रणों से युक्त होगी। इसके माध्यम से शिक्षकों के कौशल विकास, पाठ्यक्रम नवाचार, शोध कार्यों में तेजी, छात्र सहायता एवं प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष एआई असिस्टेंस भी विकसित किए जाएंगे।
 
ओपन एआई में भारत एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शिक्षा प्रमुख राघव गुप्ता ने कहा,
 
“डीआईटी यूनिवर्सिटी का ओपन ए आई के साथ यह सहयोग ऐसे समय में हो रहा है जब उच्च शिक्षा संस्थान एआई के प्रयोगात्मक उपयोग से आगे बढ़कर उसे शिक्षण, शोध एवं इंस्टीट्यूशनल मैनेजमेंट का अभिन्न हिस्सा बना रहे हैं। इस साझेदारी की विशेषता प्रैक्टिकल एप्रोच, रिस्पांसिबल यूज़, लॉन्ग टर्म इंस्टीट्यूशन वैल्यूएशन है। चैट जी पी टी एडु के माध्यम से डीआईटी यूनिवर्सिटी पूरे परिसर में एआई क्षमताओं का विकास कर सकेगी, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता एवं संस्थागत प्रभावशीलता दोनों को मजबूती मिलेगी।”
 
इस साझेदारी के अंतर्गत डीआईटी यूनिवर्सिटी चरणबद्ध तरीके से चैट जी पी टी एडू को लागू करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के सशक्तिकरण, पाठ्यक्रमों में नवाचार एवं संस्थागत परिवर्तन को बढ़ावा देना है, ताकि—
 
शिक्षण, शोध, नवाचार एवं संस्थागत संचालन में एआई क्षमताओं का व्यापक विस्तार हो।
इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मैटेरियल्स एवं नैनो इंजीनियरिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, पर्यावरणीय स्थिरता, ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा बहुविषयक शोध में उन्नत एआई क्षमताओं के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास को गति मिले।
एआई-सक्षम उच्च शिक्षा का ऐसा स्केलेबल मॉडल विकसित हो जो शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं संस्थागत उत्पादकता दोनों को मजबूत बनाए।
 
यह पहल शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षण, शोध, प्रवेश प्रक्रिया, छात्र सेवाओं, प्रशासन एवं ज्ञान प्रबंधन के लिए विषय-विशेष ए आई असिस्टेंटस को विकसित करने में भी सहायक होगी।
इस अवसर पर डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुरामा ने कहा,
 
“हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, चिप डिज़ाइन, ऑटोमेशन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट एवं डिजिटल तकनीकें उद्योगों, अर्थव्यवस्थाओं और समाज को अभूतपूर्व गति से बदल रही हैं। ऐसे समय में डीआईटी यूनिवर्सिटी जैसे अग्रणी शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना है। उनमें अडाप्टिबिलिटी , बहुविषयक सोच एवं भविष्य उन्मुख कौशल विकसित करना समय की आवश्यकता है। ओपन ए आई के साथ हमारा यह सहयोग इसी रणनीतिक सोच का परिणाम है।”
 
 
डीआईटी यूनिवर्सिटी, देहरादून के बारे में
 
वर्ष 1998 में स्थापित डीआईटी यूनिवर्सिटी ने 25 वर्षों से अधिक की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ स्वयं को एक प्रतिष्ठित बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय में 9 स्कूल एवं कॉलेजों के माध्यम से कंप्यूटिंग स्टडीज़, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, भौतिक विज्ञान, लिबरल आर्ट्स, प्रबंधन, फार्मेसी, आर्किटेक्चर, डिज़ाइन, एलाइड हेल्थकेयर एवं नर्सिंग सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
 
300 से अधिक शिक्षकों एवं भारत सहित विभिन्न देशों से आए 8,000 से अधिक विद्यार्थियों के साथ डीआईटी यूनिवर्सिटी अनुप्रयुक्त एवं परिवर्तनकारी शोध (Applied and Transformative Research) , उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence), लचीली क्रेडिट प्रणाली, सुदृढ़ औद्योगिक सहभागिता तथा चिप डिज़ाइन, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबोटिक्स जैसे विशेष क्षेत्रों में उत्कृष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए व्यापक रूप से जानी जाती है।

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