मशरूम गर्ल के नाम से विख्यात दिव्या रावत की हुई गिरफ्तारी 

मशरूम गर्ल के नाम से विख्यात दिव्या रावत की हुई गिरफ्तारी 

भाई राजपाल रावत को भी पुणे पुलिस ने किया गिरफ्तार 
कारोबारी के साथ धोखाधड़ी करने का लगा है आरोप 
कारोबारी को फंसाने के लिए दून में दर्ज कराया था झूठा मुकदमा 
मेरठ में बनवाया था फर्जी शपथपत्र 
देहरादून। उत्तराखंड में मशरुम गर्ल के नाम से विख्यात दिव्या रावत को तो हर कोई जानता है, अपने भाई के साथ मिलकर दिव्या ने मशरुम गर्ल की पहचान बनायी, और आज की तारीख में हर कोई उन्हें दिव्या की वजाय मशरुम गर्ल के नाम से जानता है। इस बीच अब एक बड़ी खबर सामने आयी है। बता दें कि पुणे पुलिस द्वारा मशरूम गर्ल दिव्या रावत और उसके भाई राजपाल रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ पुणे ग्रामीण के पौंड थाने में एक कारोबारी ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच में पता चला कि दिव्या रावत ने कारोबारी फंसाने के लिए एक झूठा मुकदमा देहरादून में दर्ज कराया था। इसके लिए रावत ने एक फर्जी शपथपत्र मेरठ में बनवाया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पुणे ग्रामीण कोर्ट ने दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि पुणे पुलिस दिव्या और उसके भाई को देहरादून भी लेकर आ सकती है।
यहां पढ़िए पूरा मामला 
दिव्या अपने भाई के साथ मिलकर सौम्या फूड नाम की कंपनी संचालित करती है। पुणे स्थित परामर्श फर्म के मालिक जितेंद्र नंदकिशोर भाखड़ा ने 27 दिसंबर 2022 को पुणे ग्रामीण के थाना पौंड में दिव्या रावत और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। भाखड़ा का कहना था कि वह 2019 में अपनी फर्म के लिए कोई काम देख रहे थे। इस दौरान उनका संपर्क दिव्या रावत से हुआ। दिव्या रावत ने कहा था कि वह अपने भाई राजपाल के साथ मिलकर कॉर्डिसेस फिटनेस के नाम से एक प्रोडक्ट शुरू करने जा रही है। इसके लिए वह एक शोरूम भी बनाना चाहती है। इस प्रस्ताव पर भाखड़ा ने हां कर दी और महाराष्ट्र से कारीगर बुलाकर काम शुरू करा दिया।
उस वक्त सभी काम में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च हुआ। इसका बिल उन्होंने दिव्या रावत को भेजा तो उन्होंने केवल 57 लाख रुपये ही देने के लिए कहा। बाद में जब रावत से पैसा मांगा तो वह गाली-गलौज और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। सितंबर 2022 में पता चला कि दिव्या रावत के भाई राजपाल रावत ने भाखड़ा के खिलाफ नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज करा दिया। भाखड़ा पर आरोप लगाया कि उन्होंने 77 लाख रुपये की ठगी की है। पौंड पुलिस ने अपने मुकदमे में जब जांच शुरू की तो पता चला कि दिव्या रावत ने जो भाखड़ा के नाम से शपथपत्र बनवाया था वह मेरठ में झूठा बनवाया गया था।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks