देहरादून, : भारत में, विशेष रूप से बुजुर्गों और मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित लोगों के बीच पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज (पी.ए.डी.) के बढ़ते मामलों को देखते हुए, एसजीआरआरएमसी और एसएमआईएच, देहरादून के वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष (एचओडी), डॉ. प्रशांत शारदा ने मरीजों, खासकर मधुमेह रोगियों से आग्रह किया है कि वे इसके लक्षणों के प्रति जागरूक रहें और समय पर इलाज कराएं।पी.ए.डी. के जोखिमों और लक्षणों के बारे में विस्तार से बताते हुए, डॉ. प्रशांत शारदा कहते हैं- पी.ए.डी. परिधीय धमनियों (पेरीफेरल आर्टरीज़) का सिकुड़ना है, जिसके कारण पैरों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। “पी.ए.डी. के बारे में जागरूकता न होने के कारण, अक्सर इलाज में देरी हो जाती है, जिससे जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण है कि मरीज इसके लक्षणों को शुरुआती स्तर पर पहचानें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं।इसका सबसे सामान्य लक्षण ‘क्लॉडिकेशन’ है, जिसका मतलब है कि पैरों में बार-बार दर्द होना (आमतौर पर पिंडली या जांघ में) जो चलने पर बढ़ जाता है और कुछ देर आराम करने से कम हो जाता है। गंभीर मामलों में, रक्त की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण गैंग्रीन या ऐसे घाव हो सकते हैं जो ठीक नहीं होते। आराम की स्थिति में होने वाला दर्द, गैंग्रीन या घावों की मौजूदगी को क्रिटिकल लिम्ब इस्कीमिया (Critical Limb Ischemia) कहा जाता है, जो अंग खोने के उच्च जोखिम का संकेत है।”पी.ए.डी. के इलाज के तरीकों के बारे में बताते हुए, डॉ. शारदा कहते हैं, “एक एडवांस्ड तकनीक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी है, जो खास तौर पर उन मामलों में काम आती है जहाँ खून का थक्का (थ्रोम्बस) आर्टरी को ब्लॉक कर रहा हो। इस मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर में खास कैथेटर-बेस्ड डिवाइस का इस्तेमाल होता है ताकि खून की नली से थक्के को फिजिकली हटाया जा सके, जिससे खून का बहाव तुरंत ठीक हो सके। मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी खास तौर पर एक्यूट लिंब इस्किमिया मामलों में फायदेमंद है, जहाँ अंग को बचाने और परमानेंट टिशू डैमेज को रोकने के लिए तुरंत इलाज बहुत ज़रूरी है। इससे ओपन सर्जरी की ज़रूरत कम हो जाती है और समय पर करने पर मरीज़ के नतीजों में काफी सुधार हो सकता है।”उन्होंने कहा, “आर्टरी में क्लॉगिंग को रोकने और पी.ए.डी. के खतरे को कम करने के लिए नियमित व्यायाम, मधुमेह नियंत्रण, धूम्रपान छोड़ना और संतुलित आहार समेत स्वस्थ जीवन शैली अपनाना बहुत ज़रूरी है।”
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 1 Nov: Cabinet Minister Ganesh Joshi today laid the foundation…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 1 Nov: École Globale International Girls’ School, Dehradun, celebrated the…
देहरादून। उत्तराखंंड में कहीं-कहीं मौसम बिगड़ा हुआ है तो किसी जिले में धूप खिली है।…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 1 Nov: The Asian School, Dehradun, celebrated its 27th Junior…
देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच कुंजापुरी…
देहरादून। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू किए गए नए वाहन नियमों…