उत्तराखंड में शुष्क मौसम जारी, न वर्षा न बर्फबारी; IMD ने की अब नई भविष्यवाणी – Uttarakhand
Nandni sharma
Dry weather continues in Uttarakhand, no rain or snowfall; IMD now makes new predictionइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून। उत्तराखंड में इस बार शीतकाल अब तक सूखा रहा है। हालांकि, नवंबर आमतौर पर साल का सबसे सूखा महीना माना जाता है, लेकिन अक्टूबर में भी वर्षा नहीं हुई और अब दिसंबर में भी अगले एक सप्ताह तो वर्षा-बर्फबारी की उम्मीद नहीं है। ऐसे में दो माह से मौसम शुष्क बने रहने से ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। जिससे ठंड भी समय पर नहीं पड़ रही है। एक अक्टूबर से शुरू हुए शीतकाल में अब तक सामान्य से 91 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस बार 27 जून को उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दी थी।मानसून के पहुंचने के बाद जुलाई में मेघ सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बरसे। इसके बाद अगस्त में सामान्य से महज 09 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। वहीं, सितंबर में प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में जोरदार वर्षा का सिलसिला बना रहा। पूरे माह में सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। पूरे सीजन में ही प्रदेश के बागेश्वर जिले में सर्वाधिक और पौड़ी में सबसे कम वर्षा रिकार्ड की गई। इसके साथ ही मानसून सीजन में अब तक सामान्य वर्षा 1,163 मिमी के सापेक्ष 1,273 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जो कि सामान्य से करीब 10 प्रतिशत अधिक रही। बीते दो अक्टूबर को उत्तराखंड से मानसून विदा हो गया।पहाड़ से मैदान तक चटख धूपमानसून की विदाई के बाद प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा और पहाड़ से मैदान तक चटख धूप खिली। हालांकि, बीच में कुछ दिन पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों ने डेरा डाला और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा भी दर्ज की गई। लेकिन, यह नाममात्र की ही साबित हुई। इसके बाद नवंबर में भी प्रदेश में सूखे की स्थिति रही। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बौछारें पड़ीं। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना रहा। ऐसे में ठंड भी सामान्य से कम रही। अब दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदलने की उम्मीद की जा रही है।उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है और लंबे समय से वर्षा-बर्फबारी नहीं हुई है। पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और कश्मीर के साथ ही हिमाचल के आसपास सक्रिय हुआ, लेकिन उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं रहा। जिससे वर्षा नहीं हुई, ऐसे में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना रहा। फिलहाल वर्षा के आसार नहीं हैं, लेकिन अगले कुछ दिन में तापमान में गिरावट आ सकती है।- रोहित थपलियाल, मौसम विज्ञानीशीतकाल में प्रदेश में वर्षा की स्थितिजनपद, वास्तविक, सामान्य, अंतरबागेश्वर, 30.1, 25.5, 18पिथौरागढ़, 13.3, 58, -77चमोली, 1.5, 28.1, -95नैनीताल, 1.8, 44.3, -96रुद्रप्रयाग, 1.3, 28.8, -95चंपावत, 1.1, 48.9, -98अल्मोड़ा, 02, 25.5, -99उत्तरकाशी, 03, 46.7, -99ऊधमसिंह नगर, 0.1, 36.5, -99देहरादून, 00, 48.3, -100टिहरी गढ़वाल, 00, 27.9, -100हरिद्वार, 00, 19.8, -100पौड़ी, 00, 26.4, -100प्रदेश औसत, 3.5, 37.6, -91 (नोट – वर्षा मिलीमीटर में, वर्षा का अंतर प्रतिशत)