बागेश्वर: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के पहले दिन एक घंटे के अंदर तीन बार भूकंप के झटके आए। लगातार आए झटकों से लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, पहला भूकंप सुबह 10:32 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 दर्ज की गई।
इसके मात्र 14 मिनट बाद 10:46 बजे दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 2.6 रही। इसके बाद सुबह 11:31 बजे तीसरा झटका भी दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि तीनों भूकंपों का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था, जिसके कारण झटके हल्के रहे।
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग एहतियातन अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर आए। हालांकि कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई। सभी तहसीलों से रिपोर्ट ले ली गई है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में इससे पहले 5 अप्रैल (रविवार) की सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर भूकंट के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह 11 बजकर 47 मिनट 08 सेकंड पर आया था। भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर दर्ज की गई थी। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली थी।
क्यों और कैसे आता है भूकंप
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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