देहरादून: उत्तराखंड में आम जनता को महंगाई का एक और करंट लगा है। ऊर्जा निगम (यूपीसीएल) ने फरवरी महीने के लिए बिजली की नई दरें जारी कर दी हैं। फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत बिजली 4 पैसे से लेकर 15 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी कर दी गई है।
नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएंगी, जिसका सीधा असर मार्च में आने वाले बिजली बिलों पर पड़ेगा। यानी इस बार होली पर लोगों को बिजली का बिल बढ़ा हुआ मिलेगा। यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार के अनुमोदन के बाद बुधवार को यह नई दरें जारी की गईं।
सबसे ज्यादा मार: अस्थाई कनेक्शन वालों को 15 पैसे और कमर्शियल उपभोक्ताओं को 14 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देने होंगे।
घरेलू उपभोक्ता: घर की बिजली के लिए अब 10 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
लगातार बोझ: पिछले 13 महीनों में 10 बार बिजली महंगी हुई, जबकि राहत सिर्फ 3 बार मिली।
किसे कितनी मार (बढ़ोतरी पैसे प्रति यूनिट में)
श्रेणी बढ़ोतरी श्रेणी बढ़ोतरीघरेलू 10 बीपीएल 0.4कमर्शियल 14 उद्योग 13सरकारी संस्थान 13 रेलवे 12मिक्स लोड 12 ईवी चार्जिंग 12अस्थाई कनेक्शन 15 कृषि 0.7उपभोक्ताओं पर दोहरी मार
ऊर्जा निगम ने जब हर महीने FPPCA वसूलने की व्यवस्था लागू की थी, तब दावा किया गया था कि इससे 1 अप्रैल को होने वाली वार्षिक बढ़ोतरी में राहत मिलेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है।
1 अप्रैल 2025 से वार्षिक दरों में 5.6% की वृद्धि पहले ही लागू की जा चुकी है। अब हर महीने FPPCA के नाम पर भी वसूली हो रही है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
10 बार झटका, 3 बार राहत
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच जनता को राहत कम और झटके ज्यादा मिले हैं।
कब-कब मिली राहत: दिसंबर 2025 (1-5 पैसे), नवंबर (3-14 पैसे) और जुलाई (24-100 पैसे) में दरें घटी थीं।
कब-कब बढ़ा बोझ: जनवरी 2025 (4-12 पैसे), फरवरी (9-28 पैसे), जून (17-71 पैसे), अगस्त (5-21 पैसे), सितंबर (8-33 पैसे) और अक्टूबर (6-26 पैसे) में दरें बढ़ाई गईं।
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