
रुद्रपुर/गदरपुर, 21 जनवरी 2026** — ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे की कानूनी परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं। तहसील प्रशासन ने उनके गूलरभोज स्थित आवास में संचालित कैंप कार्यालय को सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण करार देते हुए नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उन्हें 15 दिनों के अंदर अतिक्रमण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा प्रशासन द्वारा जबरन ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
तहसील प्रशासन की टीम ने विधायक के आवास पर पहुंचकर उनके पुत्र अतुल पांडे को यह नोटिस सौंपा। नोटिस में नैनीताल उच्च न्यायालय में दायर याचिका संख्या 192/2024 (एमएस) सुनील यादव बनाम उत्तराखंड सरकार का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 26 दिसंबर 2024 को पारित अदालती आदेश के अनुपालन में जांच की गई। जांच में गूलरभोज गांव के खाता संख्या 64, खसरा संख्या 12ग (रकबा 0.158 हेक्टेयर) पर अवैध अतिक्रमण पाया गया। यह भूमि श्रेणी 5-1/नई परती की राजकीय भूमि है, जो दो रास्तों के बीच स्थित है और एक रास्ते के किनारे से सिंचाई विभाग की नहर गुजरती है। अतिक्रमणकर्ता के रूप में विधायक अरविंद पांडे का नाम दर्ज किया गया है।
नोटिस में दिल्ली उच्च न्यायालय की सिविल याचिका संख्या 295/2022 (13 नवंबर 2024 के आदेश) और याचिका (सिविल) संख्या 1294/2020 (6 नवंबर 2024 के आदेश) का भी हवाला दिया गया है। इन सभी अदालती निर्देशों के आधार पर अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।

विधायक के पुत्र अतुल पांडे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह ईमानदारी का नतीजा है कि प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इसका जवाब अदालत में देना है तो अदालत में ही दिया जाएगा।”
विधायक के समर्थकों का दावा है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है कि उक्त बंजर भूमि पर पिछले 10 वर्षों से कैंप कार्यालय संचालित है, जहां विधायक ने कई बार अधिकारियों के साथ बैठकें भी की हैं। अचानक इस भूमि को अवैध बताकर नोटिस जारी करना संदिग्ध है और यह हाल के दिनों में उनके खिलाफ चल रहे विवादों का विस्तार हो सकता है।
विधायक अरविंद पांडे हाल ही में जमीनी विवादों, भूमि कब्जे के आरोपों और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के दावों के कारण चर्चा में रहे हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई इन मुद्दों को और तेज कर सकती है।
