देहरादून। प्रदेश के पूर्व सैनिकों के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कर्मचारी निगम के माध्यम से उनके लिए विदेशों में भी नौकरी का रास्ता खुलने जा रहा है। उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि.) के मुताबिक औसतन हर साल 1000 पूर्व सैनिकों को नौकरी के लिए विदेश भेजा जाएगा। उपनल के प्रबंध निदेशक के मुताबिक प्रवासी भारतीय जनशक्ति योजना के तहत पूर्व सैनिकों को विदेशों में मांग के अनुरूप नौकरी के लिए भेजने की तैयारी है। उपनल को पूर्व में इसका लक्ष्य मिला था, लेकिन अनुबंध के लिए आने वाली कंपनियों की यह शर्त होती है कि इसके लिए उपनल का अपना भवन व जमीन होनी चाहिए। उपनल के पास वर्तमान में अपना भवन नहीं है। जो भवन है उसे सब एरिया की ओर से खाली करने का नोटिस दिया गया था।
इसके अलावा कंपनी टर्न ओवर, प्रशिक्षण आदि सुविधाएं देखती है, लेकिन अब उपनल को राजपुर रोड में सरकार से साढ़े चार बीघा मुफ्त जमीन मिल चुकी है। 30 साल की लीज पर यह जमीन मिली है। जिसमें आठ मंजिला उपनल मुख्यालय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, विदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी पूर्व सैनिकों को उपनल के माध्यम से नौकरी मिल सके, इसके लिए मध्य प्रदेश, असम, उडिसा, चेन्नई समेत विभिन्न राज्यों और शहरों में करीब 1000 निविदाएं ली गई हैं। इन राज्यों में विभिन्न कंपनियों के लिए उत्तराखंड से सुरक्षा कर्मी भेजे जाएंगे।
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