देहरादून:दिव्यांशु हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में महापंचायत की गई। इससे पहले भाकियू की ओर से घोषित महापंचायत के लिए पुलिस-प्रशासन की टीम आशारोड़ी चेकपोस्ट पर तैनात रही। यहां पर दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के बाद शाम को भाकियू की ओर से 12 सदस्यीय कमेटी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की।
इस दाैरान राकेश टिकैत ने दिव्यांशु हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के साथ नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। इस पर सीएम ने मामले में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, करीब 10 बजे से ही आशारोड़ी चेक पोस्ट परिसर में किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। करीब 12 बजे पहुंचे टिकैत ने सबसे पहले मृतक छात्र दिव्यांशु को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उत्तराखंड में बढ़ते अपराध और नशे पर जमकर हमला बोला। साथ ही शासन- प्रशासन और सरकार को आड़े हाथों लिया।
किसानों की महापंचायत में जुटी भीड़ की सूचना के बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल माैके पर पहुंचे और टिकैत संग भाकियू पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी सीएम से मिलने की मांग पर अड़े रहे।
एसएसपी ने सीएम से वार्ता कराने का भरोसा दिलाया तो भाकियू की ओर से टिकैत के नेतृत्व में 12 सदस्यीय कमेटी गठित की गई जो दिव्यांशु हत्याकांड में न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। दिनभर चली महापंचायत के बाद देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भाकियू के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। सीएम की ओर से दिव्यांशु हत्याकांड में ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।आरोपियों पर होगा 50 हजार का इनाम, कुर्की भी की जाएगी पंचायत के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने आश्वासन दिया कि दिव्यांशु हत्याकांड में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के ऊपर 50-50 हजार इनाम घोषित किया जाएगा। साथ ही आरोपियों के घर की कुर्की भी कराई जाएगी।
दिव्यांशु हत्याकांड में कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए डोबाल ने कहा कि पुलिस जांच में जो भी आरोपी सामने आए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कई गिरफ्तारी हो चुकी है। पकड़ से बाहर आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है। इस इनाम को 50-50 हजार रुपये करने के लिए फाइल भेजी जा रही है। आरोपियों के गैर जमानती वारंट भी लिए जा चुके हैं। अगला कदम उनके घरों की कुर्की होगी।
जब हमारे बच्चे ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनको उत्तराखंड में पढ़ाकर क्या फायदा। हम अपने बच्चों को कही और पढ़ा लेंगे। अगर हम यहां की अच्छी पढ़ाई का प्रचार कर सकते हैं तो यहां की बुराई का भी करेंगे। यह कहना है भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का, जो शुक्रवार को दिव्यांशु हत्याकांड के विरोध में महापंचायत के लिए देहरादून पहुंचे थे। देहरादून में बढ़ते अपराध और नशाखोरी के लिए उन्होंने पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटक भी तभी आएंगे, जब यहां सुरक्षा और बेहतर माहाैल होगा। उन्होंने कहा कि दून शिक्षा का हब है, इसलिए यहां देशभर से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ लिखकर नाम रोशन करे। इसके विपरीत उत्तराखंड में अपराध और नशे का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अभिभावकों को सोचना पड़ेगा कि बच्चों को कैसे यहां पढ़ाएं।
टिकैत ने योगी की पुलिस को सराहा, उत्तराखंड में भी मॉडल अपनाने की दी नसीहत
श्रद्धांजलि सभा और किसान महापंचायत के दौरान चौधरी राकेश टिकैत ने कानून व्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे यूपी में भी देवभूमि के रहने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जहां बदमाश जान बचाकर भागते हैं। ऐसा ही मॉडल उत्तराखंड में भी लागू हो ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का डर पैदा हो।
राकेश टिकैत ने दिव्यांशु हत्याकांड के बहाने राज्य की पूरी कानून व्यवस्था को आड़े हाथ लिया। उन्होंने यहां पर नशे के बढ़ते चलन के लिए पुलिस प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन चाहे तो अनाधिकृत शराब की एक बोतल भी नहीं बिक सकती। जबकि, राजधानी देहरादून में नशे का इस कदर चलन बढ़ गया है कि युवा अंधेरी राह में जा रहे हैं। अपना भविष्य खोखला कर रहे हैं। उन्होंने देहरादून में चल रहे हुक्काबार को बंद करने और नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की अपील की। यह भी कहा कि बाहरी लोग यहां आकर बस रहे हैं और अपराध बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से उत्तराखंड के लोग पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। टिकैत ने लोगों से अपील की कि हम सबको मिलकर पहाड़ को बचाना होगा।
पुराने मामलों में भी उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने कहा कि देहरादून में 2009 में रणबीर हत्याकांड हुआ था। उससे देहरादून और देवभूमि की छवि धूमिल हुई थी। इसके बाद 2015 में पर्यटक युगल की जौनसार बावर क्षेत्र में हत्या कर दी गई। इस कांड ने भी देवभूमि को कलंकित किया था। कानून व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके लिए अभी उत्तराखंड सरकार को बहुत काम करने होंगे।
हिमाचल और पंजाब को सराहा
कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था के मामले में टिकैत ने जहां उत्तराखंड पुलिस की आलोचना की। वहीं हिमाचल और पंजाब की सरकार और पुलिस प्रशासन को सराहा। उन्होंने कहा कि हम पंजाब में गए तो पंजाब यूनिवर्सिटी में हमारी काली गाड़ी को रोक लिया गया। यहां के शिक्षण संस्थानों को भी इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य हैं और हमारी जिम्मेदारी है कि इनको संभाले। हिमाचल के लोग जागरूक हैं। हमने वहां सायरन बजा दिया तो 80 किमी जाकर लोगों ने हमारी गाड़ी रोकी और ऐसा करने से मना किया।
गुरुद्वारे की तरफ से लगाया गया लंगर
पंचायत में जुटे किसानों के लिए गुरुद्वारा साहिब की ओर से लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने वहां कढ़ी-चावल के प्रसाद का वितरण किया।
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