
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी। राजाजी राष्ट्रीय पार्क में वर्ष 2013 की वन आरक्षी (सामयिक मजदूर भर्ती) परीक्षा में हुई अनियमितताओं के मामले में सरकार ने पुनः जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त अधिकारी एच.के. सिंह आरोपी हैं। जांच की जिम्मेदारी प्रमुख वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्र को सौंपी गई है, जबकि उप वन संरक्षक चकराता, वैभव कुमार को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसी के साथ, मुख्यमंत्री ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामले में तत्कालीन उप वन संरक्षक (कालागढ़ टाइगर रिजर्व, लैंसडाउन) अखिलेश तिवारी, आईएफएस के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति भी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार और स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। एक जुलाई 2025 से पांचवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए डीए 466% से बढ़ाकर 474% तथा छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए 252% से बढ़ाकर 257% किया गया है।
राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाया है। पहले चरण में नगर निगम पिथौरागढ़, नगर पालिका परिषद बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) और नगर पंचायत गैरसैंण को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं को भी सीएम ने बड़ी स्वीकृति दी है। कुल 39.68 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें 17 नगर निकायों में ‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’ निर्माण के लिए 13.46 करोड़, देहरादून जिले के गंगोत्री विहार क्षेत्र में नलकूप और राइजिंग-मेन निर्माण के लिए 2.22 करोड़, तथा शिवालिक नगर पम्पिंग जलापूर्ति योजना के पुनर्गठन हेतु 6.81 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत पांच परियोजनाओं के लिए 3.25 करोड़ रुपये, देहरादून के नगरीय क्षेत्रों में घरेलू कनेक्शनों पर एएमआर वाटर मीटर लगाने के लिए 10 करोड़ रुपये और चम्पावत जिले के ग्रामीण सड़कों के सुधार के लिए 3.94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
