
हरिद्वार जिले के लक्सर थाना इलाके में एक फ्लाईओवर पर कुख्यात अपराधी विनय त्यागी को दो हमलावरों ने गोली मारकर घायल कर दिया। यह घटना तब हुई जब उसे अदालत में हाजिर करने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन शुरुआती जांच में पेशी ड्यूटी पर तैनात तीन सुरक्षाकर्मियों की चूक उजागर हुई है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक उप-निरीक्षक और दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, एक सुरक्षाकर्मी और वाहन चालक की सतर्कता की प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इन दोनों ने न केवल घायल विनय की रक्षा की, बल्कि उसे निर्धारित समय पर चिकित्सालय पहुंचाया भी।
पुलिस की उल्लेखनीय कामयाबी: बुधवार को लक्सर में हुई इस चौंकाने वाली फायरिंग की घटना में पुलिस को मात्र 24 घंटों में महत्वपूर्ण सफलता मिली। गुरुवार शाम को खानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव से दोनों फरार हमलावरों को पकड़ा गया। गिरफ्तार व्यक्तियों की शिनाख्त सन्नी यादव उर्फ शेरा और अजय के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से वारदात में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने जानकारी दी कि प्राथमिक पड़ताल में दोनों संदिग्ध कट्टर अपराधी साबित हुए हैं, जिनके नाम पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विनय त्यागी से पुरानी अदावत: सन्नी उर्फ शेरा पहले जेल की सजा काट चुका है। पूछताछ से पता चला कि सन्नी पहले विनय के गिरोह में शामिल था। बाद में धन संबंधी विवाद के कारण दोनों के बीच वैमनस्य पैदा हो गया। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते सन्नी ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर घातक हमला किया। दोनों के अपराधी इतिहास की गहन छानबीन की जा रही है। एसएसपी ने कहा कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस दलों का गठन किया गया था, जबकि तीन पीएसी प्लाटून भी部署 किए गए थे।
पुलिस की गहन जांच जारी: घटना के बाद दोनों हमलावर अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर पैदल भाग निकले थे, जिससे पुलिस को संदेह हुआ कि वे आस-पास ही छिपे हो सकते हैं। इसी आधार पर क्षेत्र में घेराबंदी की गई और दोनों को पकड़ लिया गया। एसएसपी ने बताया कि विनय त्यागी पर गोली चलाने के पीछे के सभी आयामों की विस्तृत जांच हो रही है। हर कोण से पड़ताल की जा रही है। यदि इस अपराध में किसी अन्य ने सहायता प्रदान की है, तो उसके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अदालत ले जाते समय हुआ हमला: बुधवार को विनय त्यागी को लक्सर अदालत में पेश करने के लिए एक उप-निरीक्षक और चार कांस्टेबलों की टीम तैनात की गई थी। उप-निरीक्षक और चार कांस्टेबल वाहन में सवार थे, जबकि एक कांस्टेबल वाहन चला रहा था।
