
उत्तराखंडराजनीती
by cradminAugust 20, 2025August 20, 2025091

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देहरादून/भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सदन का माहौल गरमा गया। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा काटा और सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष की मांग थी कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो, जबकि संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इसे हाई कोर्ट में विचाराधीन बताते हुए चर्चा से इनकार कर दिया।

दिन भर चले हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित करनी पड़ी। हालात तब और अजीब हो गए जब देर रात कांग्रेस विधायक रजाई-गद्दे लेकर सदन में ही बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह और पूर्व विधायक तिलकराज बेहड़ समेत अन्य विधायकों ने सदन की फर्श पर गद्दा बिछाकर धरना दिया। उनका आरोप था कि नैनीताल में जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण की घटना पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति को शांत करने के लिए विपक्षी नेताओं से फोन पर बातचीत की और अपील की कि वे धरना समाप्त कर आवास पर लौट जाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने साफ कहा कि जब तक सरकार जनता के मुद्दों पर ठोस चर्चा नहीं करती, उनका विरोध जारी रहेगा। उनका कहना है कि गैरसैंण सत्र केवल औपचारिकता बनकर रह गया है और वास्तविक समस्याओं की अनदेखी हो रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कांग्रेस विधायकों के इस कदम को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया और कहा कि सदन लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है, धरना-प्रदर्शन का स्थल नहीं।
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