

Ghaziabad News/पीयूष गौर: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के अंकुर विहार में घटित आदिल हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया है. कभी चाय की दुकान पर साथ बैठकर हंसी-मज़ाक करने वाले और नशे में ठहाके लगाने वाले दोस्त, एक-दूसरे के खून के प्यासे बन गए. वजह सिर्फ एक मोबाइल चोरी की पुरानी रंजिश थी, जिसने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया और आखिरकार एक युवक की जान ले ली.
करीब एक साल पहले अब्दुल तबाब का वीवो मोबाइल चोरी हो गया था, जो बाद में उसके ही दोस्त आदिल के पास से निकला. आदिल ने फोन बेच दिया था. तबाब ने पैसे देकर फोन वापस तो ले लिया, लेकिन दिल में बैठा अविश्वास और गुस्सा खत्म नहीं हुआ. यही रंजिश धीरे-धीरे इतनी गहरी हो गई कि आखिरकार खून-खराबे में बदल गई.
कैसे हुआ वारदात?17 अगस्त 2025 की शाम समीर ने आदिल को बुलाया. थोड़ी देर बाद समीर वहां से चला गया और आदिल, अब्दुल तबाब व नौशाद के साथ समाधि स्थल के पास पहुंचा. वहीं पुरानी चोरी की बात छिड़ी और विवाद बढ़ गया. गुस्से में तबाब ने अपनी हाफ बाजू की बनियान उतारकर आदिल का गला दबाना शुरू किया. आदिल छटपटाने लगा तो नौशाद ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए. तभी तबाब ने पास में पड़ी टूटी हुई ईंट उठाई और आदिल के सिर पर जोरदार वार कर दिया. आदिल खून से लथपथ वहीं गिर पड़ा और आरोपी उसे मरा समझकर भाग निकले. परिवार वालों ने जब आदिल को तलाशा तो वह गंभीर हालत में मिला. अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस कार्रवाईपिता मोहम्मद असगर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. 27 सितंबर को अंकुर विहार थाना पुलिस ने अब्दुल तबाब और नौशाद को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बनियान और ईंट भी बरामद की गई. एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोबाइल चोरी की वजह से उपजे झगड़े और रंजिश के चलते ही आदिल की हत्या की गई.
