

Rain havoc from Himachal to Uttarakhand, floods at some places, broken mountains at others, read every updateइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के घोलतीर इलाके में अलकनंदा नदी के तेज बहाव में एक बस चपेट में आ गई. इस बस में करीब 18 लोग सवार थे. एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इस हादसे में एक शख्स के मारे जाने की खबर है. 18 में से 7 लोंगो का रेस्क्यू कर लिया गया गया है जबकि 11 लोग लापता है. जिनकी तलाश की जा रही है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए 23 जून से 26 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड मौसम विभाग ने 25 जून से 26 जून के दौरान देहरादून टिहरी चंपावत और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है और इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने 26 जून के लिए पौड़ी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.भूस्खलन से बद्रीनाथ और केदारनाथ हाइवे पर कई जगहों पर यात्रियों के फंसे होने की भी खबर है. सोनप्रयाग के पास भूस्खलन हुआ है, बद्रीनाथ हाइवे तोताघाटी के पास 3 घंटे बंद रहा.दूसरी और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली के सैंज, मणिकर्ण, बंजार, सोलंगनाला के अंजनी महादेव नाले, मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा में बादल फटने व भारी बारिश के चलते व्यास नदी का जलस्तर बढ़ा गया है.हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बुधवार को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में तीन लोग बह गए तथा कई घर, एक स्कूल भवन, संपर्क सड़कें और छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए. कुल्लू जिले के सैंज में जीवा नाला और रेहला बिहाल तथा गड़सा क्षेत्र के शिलागढ़ में बादल फटने की तीन घटनाएं हुईं. अधिकारियों ने बताया कि रेहला बिहाल में अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश कर रहे तीन लोग बाढ़ में बह गए और लापता हैं.कुल्लू में कई जगहों पर भारी बाढ़ के कई वीडियो में तबाही के निशान दिखे हैं. एक वीडियो में एक वाहन कीचड़ भरे पानी में बहता हुआ दिखाई दे रहा है.तेज बारिश से ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. मनाली के पास ब्यास नदी के उफान पर आने से मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि, वाहनों का आवागमन जारी है. लाहौल और स्पीति पुलिस ने कहा कि काजा से समदोह तक सड़क भूस्खलन, मलबा गिरने और नालों के उफान पर होने के कारण कई रास्तों बंद हो गए हैं.हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बुधवार को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोगों के बह जाने की आशंका है.कांगड़ा जिले में मनुनी खड्ड से दो शव बरामद किए गए, जबकि इंदिरा प्रियदर्शिनी जलविद्युत परियोजना स्थल के पास एक श्रमिक कॉलोनी में रह रहे लगभग 15-20 श्रमिकों के खनियारा मनुनी खड्ड में जल स्तर बढ़ने के कारण बह जाने की आशंका है.अधिकारियों के अनुसार, बारिश के कारण परियोजना का काम रोक दिया गया था और श्रमिक निर्माण स्थल के पास अस्थायी आश्रयों में आराम कर रहे थे, तभी मनुनी खड्ड और आसपास के नालों से बाढ़ का पानी श्रमिक कॉलोनी की ओर आ गया और श्रमिकों को बहा ले गया. मौसम विभाग ने पांच जिलों- चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार शाम तक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है.जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में हुई बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ जाने के बाद तवी नदी में फंसे नौ लोगों को बुधवार को पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों के संयुक्त अभियान में बचा लिया गया.अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण बुधवार सुबह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा, जबकि राजौरी जिले में एक नदी के उफान पर होने से कुछ वाहन भी बह गए. मौसम विभाग ने 27 जून तक जम्मू संभाग के कुछ स्थानों पर भारी जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है.
