
अंतरराष्ट्रीय और भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार का दिन कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों ने अब तक का सबसे ऊंचा मुकाम हासिल करते हुए 5,591.16 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बना लिया। सप्ताह की शुरुआत में ही 5,000 डॉलर का आंकड़ा पार करने के बाद सोने में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और बीते कुछ दिनों में इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। इसी रफ्तार में चांदी ने भी नया इतिहास रचते हुए 119.34 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया।
घरेलू बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। सुबह 9:22 बजे सोना 10 ग्राम पर 10,192 रुपये यानी 6.14 प्रतिशत की छलांग के साथ 1,76,107 रुपये पर कारोबार करता नजर आया, जो इसके अब तक के सर्वोच्च स्तर के बेहद करीब है। वहीं चांदी ने भी मजबूती दिखाई और 1 किलो पर 16,726 रुपये (4.34 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 4,02,092 रुपये पर ट्रेड करती दिखी। कारोबार के दौरान चांदी ने 4,07,456 रुपये का उच्चतम स्तर भी दर्ज किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज़ी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हालिया बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया है। फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल ने यह संकेत दिया है कि महंगाई अभी भी 2 प्रतिशत के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक डॉलर की बजाय सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। इसके अलावा वैश्विक बाजार में डॉलर की कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।
भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव, परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त चेतावनियों और जवाबी धमकियों ने निवेशकों को जोखिम भरे एसेट्स से दूर रहने के लिए मजबूर किया है। ऐसी परिस्थितियों में आमतौर पर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की मांग बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
बाजार की धारणा को उस वक्त और मजबूती मिली, जब क्रिप्टो सेक्टर की बड़ी कंपनी टेदर ने अपने कुल निवेश का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा भौतिक सोने में लगाने की घोषणा की। इस फैसले को निवेशकों ने सोने की दीर्घकालिक मजबूती के संकेत के रूप में लिया। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में इस साल अब तक 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की जा चुकी है, जिसका कारण औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति के साथ-साथ सोने के मुकाबले इसका अपेक्षाकृत सस्ता होना माना जा रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय खुदरा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोना 1,64,635 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत 3,58,267 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक नीतियों और भू-राजनीतिक हालात को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी में तेजी का यह दौर जारी रह सकता है।
