
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के साथ एक मिठाई दुकान की मूल्य सूची भी जुड़ गई। यह दस्तावेज अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है, जिससे उपयोगकर्ता विभिन्न टिप्पणियां कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी शिवम कश्यप ने नगर पालिका के अंतर्गत हुए निर्माण कार्यों और समाचार पत्रों में जारी निविदाओं से जुड़ी विवरण मांगे थे। अधिकारियों ने संबंधित फाइलों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराईं। लेकिन जब कश्यप ने इन कागजातों की समीक्षा की, तो उनमें एक आश्चर्यजनक सामग्री शामिल मिली।
कागजातों के बीच एक प्रसिद्ध स्वीट शॉप की दर सूची थी, जिसमें चाट, पकौड़ी और पानी पूरी जैसी वस्तुओं की कीमतें अंकित थीं। इस खोज से स्तब्ध होकर कश्यप ने इसे अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह सामग्री वायरल हो गई। नेटिजन्स ने हास्यपूर्ण और व्यंग्यात्मक तरीके से अपनी राय व्यक्त की है।
इस मुद्दे पर नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद कामिल ने स्पष्ट किया कि आवेदन में विकास परियोजनाओं से संबंधित सामग्री का अनुरोध था। संभवतः दस्तावेज संकलन के दौरान यह मूल्य सूची अनजाने में शामिल हो गई। उन्होंने कहा कि त्योहारों जैसे होली या दिवाली के अवसर पर मिठाइयां ऑर्डर की जाती हैं, और हो सकता है कि वही दस्तावेज गलती से मिश्रित हो गया हो। संबंधित स्टाफ से जांच कराई जाएगी।
यह प्रकरण न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि आरटीआई अधिनियम की शक्ति को भी रेखांकित करता है, जो सरकारी अभिलेखों में मौजूद किसी भी सामग्री को जनता के सामने ला सकता है, चाहे वह योजनाओं से जुड़ी हो या अनावश्यक रूप से संयोजित कोई व्यापारिक दस्तावेज।
