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बेरीनाग के रीठा रैतौली में किशोर पर गुलदार का हमला, क्षेत्र में बढ़ी दहशत – पर्वतजन

भालू की सक्रियता से कई गाँवों में भय का माहौल
पिथौरागढ़ ज़िले के बेरीनाग क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती हलचल ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। रीठा रैतोली ग्राम पंचायत के ठांगा गाँव में सोमवार देर शाम एक किशोर पर गुलदार ने अचानक धावा बोल दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है और लोग शाम होते ही घरों में सिमट जा रहे हैं।
ठांगा निवासी 16 वर्षीय अमित सिंह बोरा बाजार से वापस लौट रहा था। प्राथमिक विद्यालय ठांगा के निकट अचानक झाड़ियों से निकले गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। अमित की चीखें सुनते ही परिजन और आस-पास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। शोर-गुल बढ़ने पर गुलदार अंधेरे में भाग गया। घायल किशोर को तुरंत सीएचसी बेरीनाग ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

ग्राम प्रधान निशा धारियाल ने वन विभाग से जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग उठाई है। घटना की सूचना मिलने पर विभागीय टीम रातभर क्षेत्र में गश्त करती रही। लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी गई कि सांझ के बाद छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें और महिलाएँ जंगल या सुनसान रास्तों पर अकेले न जाएँ। साथ ही ग्रामीणों से घरों के आसपास झाड़ियों की सफाई और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है।
वन क्षेत्राधिकारी चंदा मेहरा के अनुसार टीम को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
थल–चौसला क्षेत्र में भालू की बढ़ती मौजूदगी से दहशत
इधर थल चौसला और आसपास के कई गाँव भालू की सक्रियता से जूझ रहे हैं। भटीगांव, हीपा, दडमौली, अधौली, लेपार्थी और अडखेत जैसे इलाकों में पिछले कई दिनों से भालू दिखने की घटनाएँ बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि महिलाओं ने मवेशियों को चराने या जंगल में घास लेने जाना लगभग बंद कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भालू का आतंक उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, और उन्होंने वन विभाग से तुरंत राहत देने की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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