
हल्द्वानी (उत्तराखंड)। प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्रभावक ज्योति अधिकारी को बुधवार को हल्द्वानी जेल से रिहा कर दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक औपचारिकताओं के चलते रिहाई में एक दिन की देरी हुई। शाम लगभग साढ़े पांच बजे सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति मिली।
रिहाई के समय ज्योति अधिकारी ने अदालत की ओर हाथ जोड़कर प्रणाम किया और फिर वाहन से वहां से प्रस्थान कर गईं। इस दौरान वे काफी उदास और गंभीर दिखाई दीं।
यह मामला जूही चुफाल की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें ज्योति पर उत्तराखंड की महिलाओं तथा स्थानीय लोक देवताओं के प्रति आपत्तिजनक और असम्मानजनक टिप्पणियां करने का आरोप था। इसके अलावा, एक सार्वजनिक सभा के दौरान उन्होंने दरांती लहराने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें 8 जनवरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ज्योति अधिकारी के खिलाफ राज्य के अलग-अलग थानों में तीन-चार अन्य मामले भी लंबित हैं, जिसके कारण रिहाई प्रक्रिया में कुछ जटिलताएं आईं। खटीमा से आए वकीलों ने आवश्यक कानूनी कदम उठाए, जिसके बाद वर्तमान मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत स्वीकृत की।
जमानत मिलने और रिहाई की सूचना से उनके परिजनों तथा समर्थकों में बड़ी राहत की भावना व्याप्त है। यह घटना सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमाओं और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ रही है।
