उत्तराखंड में भारी बारिश जारी, आज तीन जिलों में येलो अलर्ट; पढ़िए मौसम का अपडेट – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून ने इस बार ऐसा तांडव मचाया है कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हर तरफ बारिश और भूस्खलन की खबरें सुर्खियों में हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज 4 जुलाई 2025 को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश की संभावना है, जिसके चलते भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।मॉनसून की मार: कहां-कहां बरस रहे बादल?मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि चमोली और उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान की बात करें तो देहरादून में अधिकतम 30°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 20°C से 26°C के बीच रह सकता है।मौसम विभाग के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया, ‘मॉनसून ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश का सिलसिला अगले 24-48 घंटों तक खासा सक्रिय रहेगा।’ पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, खासकर चमोली, उत्तरकाशी, और टिहरी में, जहां हाल ही में सड़कें बंद होने की खबरें सामने आई हैं।भूस्खलन और तबाही: पहाड़ों पर आफत की बारिशउत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश ने हालात को मुश्किल बना दिया है। चमोली के पोखरी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो चुकी हैं। उत्तरकाशी में भी बादल फटने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों और प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन के कारण यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और कुछ जगहों पर यात्रा अस्थायी रूप से रोकी भी गई है।मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में जलभराव की स्थिति देखी जा रही है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा है।मॉनसून का हाल: सामान्य से ज्यादा बारिशइस साल मॉनसून ने उत्तराखंड में समय से पहले दस्तक दी थी, और अब तक यह अपने पूरे शबाब पर है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 में राज्य में सामान्य से 21% अधिक बारिश दर्ज की गई, खासकर बागेश्वर (533.9 मिमी) और रुद्रप्रयाग (294 मिमी) जैसे जिलों में। जुलाई में भी यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, और 3-7 जुलाई तक कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।

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