200 लोगों को जीएमवीएन के गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी में ठहराया गया
श्रद्धालुओं को निकालने में जुटे है एनडीआरएफ और डीडीआरएफ के जवान
देहरादून। केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने से मची भारी तबाही के बाद यात्रा को रोक दिया गया है। केदारघाटी में हाईअलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदाल मार्गों पर फंसे श्रद्धालुओं का सुबह से रेस्क्यू जारी है। अब हेलिकॉप्टर से भी रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।
बड़ी लिंचोली में एनडीआरएफ, डीडीआरएफ जवान श्रद्धालुओं को निकालने में जुटे हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग से लेकर गौरीकुंड और सोनप्रयाग लिनचोली में आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। फंसे यात्रियों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा रहा है। सड़क और पैदल मार्ग को क्षतिग्रस्त है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वह बचाव व राहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी से भीमबली के बीच लिंचोली के पास बादल फटने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशाने से ऊपर पहुंच गया है। सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने देर रात गौरीकुंड और सोनप्रयाग बाजार को खाली करवा दिया।
तप्तकुंड और केदारनाथ पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया है। एहतियात के तौर पर 200 लोगों कोे जीएमवीएन के गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी में ठहराया गया है।
गौरीकुंड से सोनप्रयाग के बीच चट्टान रास्ते पर गिरने की भी सूचना है। उधर, टिहरी के घनसाली में भिलंगना ब्लॉक के नौताड़ तोक में एक छोटा होटल ढहने से दंपती भानु व नीलम की मौत हो गई। जबकि गैरसैंण के रोहिड़ा में एक मकान पर मलबा गिरने से एक महिला की मौत हो गई। दूसरी ओर चमोली के बेलचोरी में मकान ढहने से दो लोग लापता हो गए हैं।
LPG Gas Cylinder Price Today 18 May 2026: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव…
दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगी त्वरित चिकित्सा सुविधा देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एचडीएफसी बैंक…
भारतीय समाज में सेवा और सामूहिक चेतना हमारी पहचान : प्रो. सुरेखा डंगवाल देहरादून ।…
वर्ष 2026-27 हेतु 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित चमोली।…
हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…
Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…