ट्रेनिंग के साथ नौकरी सुनिश्चित करने की पहल, युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ा जाएगा
देहरादून। कौशल विकास के अंतर्गत अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
रोजगार गैप पर मंथन
बैठक में इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
बेरोजगारी बनाम कुशल श्रमिकों की कमी, समन्वय की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा जो आईटीआई से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट मानव संसाधन पर फोकस, उद्योग मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने को कहा।
तीन स्तर की वर्कफोर्स और स्थानीय रोजगार मॉडल
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत @2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले।
ट्रेनिंग के साथ रोजगार सुनिश्चित, पाठ्यक्रमों की हो सतत समीक्षा
निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाय।
विदेशों में रोजगार, पारदर्शी भर्ती और न्यायिक प्रकरणों पर निर्देश
विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइंस साझा की जाए। ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो।
सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
उद्योग सहभागिता और एकीकृत प्लेटफार्म पर जोर
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों। उन्होंने बताया कि यदि उद्योग भी प्रशिक्षण और तकनीकी पाठ्यक्रम के निर्धारण में शामिल होंगे तो वे उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड कर पाएंगे। इससे युवाओं को जॉब पाने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डी एस गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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