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उत्तराखंड की लोकसभा संसदीय सीट में सबसे ज्यादा चुनावी शूरवीर, यहां सबसे कम प्रत्याशी – myuttarakhandnews.com

Highest number of election warriors in Lok Sabha parliamentary seat of Uttarakhand, least number of candidates here

Latest posts by Sapna Rani (see all)हरिद्वार: उत्तराखंड लोकसभा चुनाव में नामांकन के लिए अब मंगलवार और बुधवार का ही दिन बचा हुआ है। अब तक प्रदेश में नौ नामांकन पत्र दाखिल भी हो चुके हैं, बीते चुनावों के आंकड़ों के आधार पर देखें तो लोकसभा चुनावों में सर्वाधिक प्रत्याशी हरिद्वार में उठते आए हैं, जबकि चुनाव लड़ने का सबसे कम उत्साह अल्मोड़ा सुरक्षित सीट पर नजर आता रहा है। यह क्रम इस बार भी जारी रहने की संभावना है। साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान प्रदेश में कुल 54 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, इसमें हरिद्वार और टिहरी में सर्वाधिक 15 -15 जबकि गढ़वाल में नौ, नैनीताल में सात और अल्मोड़ा में सबसे कम छह प्रत्याशी शामिल थे।इसी तरह 2014 के लोकसभा चुनावों में उतरे कुल 64 प्रत्याशियों में सर्वाधिक 24 प्रत्याशी हरिद्वार से शामिल थे। इसके बाद टिहरी से 16, नैनीताल से 15, गढ़वाल से दस और अल्मोड़ा से सबसे कम नौ प्रत्याशी मैदान में उतरे। यही क्रम 2009 के चुनावों में जारी रहा, जब हरिद्वार में सर्वाधिक 21 और अल्मोड़ा में सबसे कम 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे। बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर तैयार है। प्रदेश के कई बड़े नेता नामांकन के वक्त मौजूद रहेंगे।मतदान में भी आगे रहता है हरिद्वारहरिद्वार में चुनाव लड़ने के साथ ही मतदान के लिए भी खास उत्साह नजर आता है। पिछले लोकसभा चुनावों में यहां सर्वाधिक 72.11 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सर्वाधिक 82 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। जबकि अल्मोड़ा में पिछली बार सबसे कम 47.75 प्रतिशत मतदान हुआ था।

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