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हिमाचल, उत्तराखंड में फिर से भारी वर्षा की चेतावनी, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बरकरार, आरेंज अलर्ट जारी

शिमला. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, चंबा और शिमला जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की आशंका है, जिससे भूस्खलन और जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है.
हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालुए बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण प्रदेश के चंबा में कई जगहों पर फंसे हुए हैं. खराब मौसम के कारण यह यात्रा सोमवार को स्थगित कर दी गयी थी. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अब तक 3,269 तीर्थयात्रियों को बचाया है.
मंगलवार को भारी बारिशए भूस्खलनए अचानक बाढ़ और बादल फटने से राज्य के कई हिस्सों में तबाही मची. ब्यास नदी के उफान पर होने से मनाली में भारी तबाही मचीए जबकि चंबा जिले और मनाली के ज्यादातर हिस्सों में मोबाइल संपर्क टूट गया. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र यएसईओसीद्ध ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में कुल 584 सड़कें बंद हैं और चंबा, लाहौल, स्पीति जिलों से रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है.
स्कूल-कॉलेज बंद, यात्राएं रद्दभारी बारिश के चलते कई स्थानों पर स्कूल-कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. कई सड़कों पर मलबा और पानी भरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है. रेलवे और बस सेवाएं भी कई रूटों पर बाधित हो चुकी हैं. पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है.

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