एचआईएमएस जौलीग्रांट ने दी आईएमए कैडेट्स को बीएलएस ट्रेनिंग

-भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में बीएलएस ट्रेनिंग का किया गया आयोजन
-एचआईएमएस के 8 विशेषज्ञों की टीम 400 से ज्यादा जेंटलमैन केडैट्स को दिया प्रशिक्षण
डोईवाला। हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस) जौलीग्रांट ने राष्ट्र सेवा को समर्पित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के वीर जवानों को जीवनी दायनी कहे जाने वाले बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) व फर्स्ट एड ट्रेनिंग दी। एचआईमएस के 8 विशेषज्ञों के दल ने 400 से ज्यादा कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ.विजय धस्माना के दिशा-निदेशानुसार एचआईएमएस की ओर से आईएमए देहरादून में कैडेट्स के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) व प्राथमिक चिकित्सा पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किया। कुलाधिपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि राष्ट्र हित हमारे लिए सर्वोपरि है। राष्ट्र हित की गतिविधियों के लिए संस्थान भविष्य में भी समर्पित रहेगा।

इन चार मुख्य विषयों पर आधारित रही ट्रेनिंगएचआईएमएस के विशेषज्ञ दल की अगुवाई कर रहे सर्जन रियर एडमिरल (प्रोफेसर) गिरीश गुप्ता एनएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने बताया कि ट्रेनिंग में सैन्य अभियानों के दौरान सेना की जरुरत को समझते हुए जेंटलमैन कैडेटों को जीवन रक्षक पद्धतियों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्हें सीपीआर, रक्तस्राव का प्रबंधन, सिर और रीढ़ की चोटों का प्रबंधन, स्थिरीकरण सिद्धांत और सांप व बिच्छू के काटने से उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जवानों को दी हैंड्स ऑन ट्रेनिंगएचआईएमएस के विशेषज्ञों ने 26 पुतलों पर कैडेट्स को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी दी गई। इस दौरान समस्त जवानों को प्रशिक्षण में शामिल सभी विषयों पर आधारित पुस्तिक (बीएलएस कार्ड) भी दी गई। पुस्तिका भविष्य में मार्गदर्शिका के रूप में काम कर सकती है।
20 हजार से ज्यादा लोगों को एक वर्ष में दी बीएलएस ट्रेनिंगडॉ.गिरीश गुप्ता ने बताया कि संस्थान (एसआरएचयू व आरडीआई) की ओर से बीते एक वर्ष में 20 हजार से ज्यादा लोगों को बीएलएस ट्रेनिंग दी चुकी है। जबकि व्यक्तिगत रुप से उन्होंने 7000 ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिया है। इसमें किशोरवस्था सहित सभी उम्र के लोग शामिल रहे। कहा कि, वर्तमान परिदृश्य में आम नागरिकों के लिए भी बीएलएस ट्रेनिंग की जरूरत है।
टीम में ये रहे शामिलडॉ.गिरीश गुप्ता, डॉ.राकेश कुमार, डॉ.याशिर अहमद लोन, डॉ.आशीष कुमार सिमल्टी, डॉ.मंजू केदारनाथ, डॉ.रोहित कपूर, दीपक शर्मा व ग्राम्य विकास संस्थान (आरडीआई) से सुनील खंडूरी।
बीएलएस क्या है ?बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) बुनियादी चिकित्सा सहायता है, जो लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले या उन स्थितियों में दी जाती है, जहां चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं होती है।

shivani Rawat

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