Site icon My Uttarakhand News
Subscribe for notification

उत्तराखंड में भी होने जा रहा था इंदौर जैसा हत्याकांड, समय रहते पति ने इस तरह बचाई जान – myuttarakhandnews.com

उत्तराखंड के तपोवन क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद ताजा कर दी है. इस बार फर्क सिर्फ इतना रहा कि समय रहते पति ने अपनी सूझबूझ से वह कदम उठा लिया, जिससे उसकी जान बच गई.
मामला गुरुग्राम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभम (बदला हुआ नाम) और उसकी पत्नी का है, जिनकी शादी इसी साल फरवरी में गाजियाबाद की रहने वाली एक युवती से हुई थी. शुरुआत में सबकुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन शादी के कुछ हफ्तों बाद ही शुभम को अपनी पत्नी के व्यवहार में बदलाव महसूस हुआ.
पत्नी का फोन देख हैरान रह गया पति
शारीरिक संबंधों में दूरी और लगातार बहानेबाज़ी ने उसके मन में शक के बीज बो दिए. शुभम ने जब पत्नी का मोबाइल फोन चेक किया, तो वह हैरान रह गया. उसमें ऑनलाइन शॉपिंग के कई अजीबोगरीब सामान के ऑर्डर थे, जिनमें एक हथोड़ा और बार-बार कंडोम का ऑर्डर शामिल थी.
हथौड़े का ऑर्डर देखकर शुभम को शक हुआ कि कहीं उसके खिलाफ कोई साजिश तो नहीं रची जा रही. सच्चाई का पता लगाने के लिए शुभम ने गुरुग्राम की एक निजी डिटेक्टिव एजेंसी की मदद ली. एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ कि शुभम की पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ उत्तराखंड के तपोवन इलाके के एक होटल में ठहरी हुई है.
उत्तराखंड के होटल में मारा छापा
सूचना मिलते ही शुभम पुलिस को साथ लेकर वहां पहुंचा. होटल में छापा मारते समय पत्नी और उसका प्रेमी एक ही कमरे में रंगे हाथों पकड़े गए. मौके पर पहुंचे शुभम ने कोई हंगामा नहीं किया, बल्कि शांति से पुलिस कार्रवाई के बाद अपनी पत्नी को वहीं छोड़कर वापस घर लौट आया.
बताया जा रहा है कि पत्नी और उसके प्रेमी के बीच लंबे समय से संबंध थे, और शादी के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में थे. सूत्रों के मुताबिक, अगर शुभम समय रहते सच्चाई का पता न लगाता, तो मामला इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसा बन सकता था, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी. तपोवन का यह मामला वैवाहिक रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और अपराध की मानसिकता की ओर इशारा करता है.
शुभम ने इस घटना के बाद कहा कि “अगर मैंने सबूत जुटाने के बजाय भावनाओं में आकर प्रतिक्रिया दी होती, तो आज मैं शायद जिंदा नहीं होता.” उसकी इस सूझबूझ ने न सिर्फ उसे राजा रघुवंशी जैसी त्रासदी से बचाया, बल्कि एक संभावित अपराध को भी होने से रोक दिया.
 

Exit mobile version