

Husband-wife and 2 year old daughter… but Bholenath handed over the lamp to grandfather, a heart-wrenching story of a helicopter accidentइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)Uttarakhand Helicopter Crash News: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ से लौटते वक्त हुए भीषण हेलिकॉप्टर हादसे ने एक दंपति और उनकी दो साल की बेटी की मौत हो गई. लेकिन, भोलेनाथ की कृपा से इस परिवार का चिराग बच गया. महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के वानी से आए जायसवाल परिवार के राजकुमार जायसवाल (41), उनकी पत्नी श्रद्धा जायसवाल (35) और उनकी 2 साल की बेटी काशी की इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. हादसे में पायलट सहित 7 लोगों की जान गई, लेकिन उनका छह साल का बेटा विवान अपने दादा के साथ पंधरकवड़ा में रहने की वजह से बच गया.यह दुखद घटना रविवार सुबह करीब 5:19 बजे हुई, जब आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचा और फिर वापसी के दौरान गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच जंगल में क्रैश हो गया. हेलिकॉप्टर में सवार सात लोगों में से 5 यात्री, एक शिशु और पायलट थे, जो महज 10 मिनट की उड़ान के दौरान अपनी जान गंवा बैठे. हादसे की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं, जिसमें हेलिकॉप्टर का मलबा आग की लपटों में झुलसता नजर आ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि खराब मौसम और कम विजिबिलिटी इस हादसे की वजह हो सकती है.जुड़वां बच्चों के पिता बने थे पायलटपायलट कैप्टन राजवीर सिंह चौहान, जो जयपुर के शास्त्री नगर के रहने वाले थे और 15 साल तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे. उनके दो महीने के जुड़वां बच्चों के पिता होने की खबर ने इस दुख को और गहरा कर दिया. हादसे में मारे गए अन्य यात्री उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से थे, जिनमें विक्रम रावत, विनोद देवी और तृष्टि सिंह शामिल हैं. इस घटना ने पिछले 40 दिनों में चार धाम मार्ग पर हुए छह हेलिकॉप्टर हादसों की श्रृंखला को और बढ़ा दिया है.जताया और ट्वीट कर कहा कि रुद्रप्रयाग जिले में हेलिकॉप्टर क्रैश की अत्यंत दुखद खबर मिली. एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और अन्य रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं.उन्होंने हेलिकॉप्टर संचालन के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें हेलिकॉप्टर की तकनीकी जांच और मौसम की स्थिति की अनिवार्य जांच शामिल होगी. एक तकनीकी विशेषज्ञों की समिति भी गठित की जाएगी, जो सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा करेगी.
