देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2022 में वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन घटना के दिन रिजॉर्ट में आए कथित वीआईपी की पहचान आज भी रहस्य बनी हुई है। अब एक वायरल वीडियो और ऑडियो ने इस मामले को दोबारा राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कैसे शुरू हुआ नया विवाद?
पूरा मामला तब तूल पकड़ने लगा जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव वीडियो जारी किया। इस वीडियो में महिला ने अंकिता हत्याकांड में एक ‘वीआईपी गट्टू’ का जिक्र करते हुए उसे भाजपा का बड़ा नेता बताया। साथ ही उन्होंने एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य का नाम भी इशारों में लिया और एक कथित ऑडियो का हवाला दिया, जिसमें पूरी जानकारी होने का दावा किया गया।
कांग्रेस का आरोप – CBI जांच हो
वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला।उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेसवार्ता कर सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिनों के भीतर CBI जांच की सिफारिश नहीं हुई, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस वीआईपी का मुद्दा उछालकर अपनी नाकामियां छिपा रही है।भट्ट ने कहा कि अगर कांग्रेस के पास जानकारी है तो वही बताए कि वीआईपी कौन है। उन्होंने वायरल वीडियो को अपुष्ट और छेड़छाड़ वाला बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति अंकिता की आत्मा का अपमान है।
सुरेश राठौर बोले – ऑडियो फर्जी है
भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और आर्टिफिशियल बताया। उन्होंने इसकी फोरेंसिक जांच की मांग करते हुए ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।राठौर ने कहा कि अगर जांच में उनके खिलाफ कुछ भी साबित होता है तो वे सजा भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
आरती गौड़ का इस्तीफा
यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सरकार से अंकिता हत्याकांड की CBI जांच की मांग की है।आरती गौड़ का कहना है कि उन पर गंभीर और झूठे आरोप लगाए गए हैं और सरकार की ओर से जांच में हो रही देरी से आहत होकर उन्होंने यह फैसला लिया।
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