विकसित उत्तराखंड-2047 के लिए सेतु आयोग का रोडमैप तैयार, गांवों पर विशेष फोकस
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। अवस्थापना विकास सलाहकार सेतु आयोग के सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक पर्वतीय गांव तक बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित होने से ही पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
सोमवार को सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दिनेश अग्रवाल ने कहा कि गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से युवा अपने ही क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं तलाश सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा सेतु आयोग
उन्होंने बताया कि सेतु आयोग नीतिगत सुधारों के प्रस्ताव तैयार करते समय जमीनी जरूरतों और वास्तविक परिस्थितियों को प्राथमिकता दे रहा है। आयोग अर्थव्यवस्था एवं कौशल, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उप शहरी विकास, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन तथा डेटा एनालिटिक्स जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा है।
आयोग का उद्देश्य राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को साक्ष्य आधारित और परिणाम केंद्रित बनाना है। यह कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के अनुरूप किया जा रहा है।
बायोएनर्जी और सहकारिता नीति पर काम
दिनेश अग्रवाल ने बताया कि अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास के तहत उत्तराखंड बायोएनर्जी नीति-2026, वन पंचायत नियमावली-2026 और सहकारिता नीति-2026 के प्रारूप तैयार किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों में फ्यूचर स्किल्स और डिजिटल कौशल विकास, 119 राज्य महाविद्यालयों में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, किसानों को संगठित खरीदारों से जोड़ने और विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ओवरसीज प्लेसमेंट सेल की रूपरेखा पर भी काम चल रहा है।
पांच जिलों में बनेंगे 17 स्मार्ट ग्राम केंद्र
अवसंरचना एवं कल्याण के क्षेत्र में आयोग द्वारा पांच जिलों में 17 एकीकृत स्मार्ट ग्राम केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा देहरादून में जेईई उत्कृष्टता केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय के हॉस्पिटैलिटी कौशल केंद्र में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट और स्वास्थ्य क्षेत्र में एनीमिया, स्टंटिंग तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए लक्षित हस्तक्षेप किए जा रहे हैं।
एम्स ऋषिकेश के सहयोग से ट्रॉमा केयर और टेलीमेडिसिन सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
शहरी विकास के लिए नया कानून तैयार करने की तैयारी
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से शहरों की ओर बढ़ते जनसंख्या दबाव और तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए नगरीय स्थानीय निकायों को अधिकारों के हस्तांतरण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ प्रदेश के लिए नए शहरी अधिनियम का प्रारूप तैयार करने पर भी काम चल रहा है।
योजनाओं के मूल्यांकन पर जोर
दिनेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य में लंबे समय से धीमी गति से चल रहे योजनाओं के मूल्यांकन कार्य को अब मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, अमृत सरोवर योजना, सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का मूल्यांकन विश्वविद्यालयों की भागीदारी से शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘विकसित उत्तराखंड-2047’ के लिए व्यापक इंडिकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है और इसे राज्य सरकार द्वारा अपनाने की प्रक्रिया जारी है।
‘एक पहचान, अनेक समाधान’ पर आधारित होगी डेटा नीति
डिजिटल एवं डेटा आधारित सुशासन को लेकर भी आयोग काम कर रहा है। राज्य डेटा शासन नीति तैयार की जा रही है, जिसका मार्गदर्शक सिद्धांत ‘एक पहचान, अनेक समाधान’ रखा गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को बार-बार दस्तावेजी औपचारिकताओं से राहत देना है। साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी में आने वाली बाधाओं के बीच भी मजबूत डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
दिनेश अग्रवाल ने कहा कि पर्वतीय गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के मजबूत अवसर उपलब्ध कराना विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि राज्य सरकार को ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य को हासिल करने में प्रभावी सहयोग दिया जा सके।
प्रेस वार्ता में निदेशक नियोजन मनोज पंत, विशेषज्ञ विशाल पराशर और हनुमंत रावत भी मौजूद रहे।
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: Chief Secretary Anand Bardhan on Wednesday emphasised the…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: Art India Academy of Performing Arts, Dehradun observed…
नई दिल्ली; हिमालय ऊपर से शांत दिखता है. पहाड़ हरे-भरे हैं. नदियां बह रही हैं.…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: As in previous years, REACH (Rural Entrepreneurship for…
The TonsBridge School celebrates 14th Founders’ Day with “Dharohar – The Legacy of Ancient India”…
CM pays tribute to Martyrs on Police Commemoration Day my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21…