देहरादून/चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यहित एवं जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के उपरांत अनुमोदन प्रदान किया गया। चंपावत जिले में पहली बार आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में शासन व्यवस्था को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के साथ ही विकास, रोजगार, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय अनुशासन, भूमि प्रबंधन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।वन भूमि हस्तांतरण के लिए पीएमयू गठितमंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखंड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन को मंजूरी दी। इसके लिए छह पद स्वीकृत किए गए हैं।भूमिधरी अधिकार एवं भूमि विनियमितीकरण को मंजूरीवर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने तथा नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जाएगा, जिसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के लिए ₹66.29 करोड़ अवमुक्तग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण हेतु हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि अवमुक्त किए जाने को मंजूरी दी गई। धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण एवं अन्य निर्धारित कार्यों पर व्यय की जाएगी।संपत्ति लेन-देन में PAN सत्यापन अनिवार्य व्यवस्थास्टाम्प एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित लेन-देन में क्रेता, विक्रेता एवं अन्य संबंधित पक्षकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई। इससे गलत अथवा फर्जी PAN के उपयोग में कमी लाने तथा आयकर विभाग को की जाने वाली रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।राजकोषीय घाटे एवं ऋण की सीमा निर्धारितमंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी प्रदान की। संशोधित प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के तीन प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है। आपदा एवं सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।वन विभाग में विभागाध्यक्ष व्यवस्था में बदलावमंत्रिमंडल ने वन विभाग के विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी। निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाते हुए मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल तथा मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगीछठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखंड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी गई। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में संस्तुतियां दी हैं।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान लागू होंगेभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी किए जाने को मंजूरी दी गई। निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के पश्चात किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा।कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधनउत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों एवं अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा। नियम 15 में विद्यमान हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटि का भी निराकरण किया जाएगा।सतर्कता अधिष्ठान की अधिसूचना में संशोधनभारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के क्रम में सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता की परिवर्तित धाराओं के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाने को मंजूरी दी गई।समूह ‘ग’ पदों पर साक्षात्कार व्यवस्था में संशोधनराज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा। उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।लोक सेवा आयोग के कृत्यों का परिसीमनउत्तराखंड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है।सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे का पुनर्गठनसतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत 08 आरक्षी ना.पु., 01 आरक्षी डाक रनर तथा 02 आरक्षी चालक सहित कुल 11 पद समर्पित किए जाएंगे। मुख्य आरक्षी ना.पु. के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अपर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के तीन, मुख्य आरक्षी डाक रनर का एक, मुख्य आरक्षी चालक का एक तथा अपर उपनिरीक्षक चालक का एक नवीन पद सहित कुल छह नवीन पद सृजित किए जाएंगे।सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में 92 प्रतिशत आय संबंधित अभिकरणों कोनियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। संशोधन के तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।नए सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक को मंजूरीमंत्रिमंडल ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरसित करते हुए राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी दी।कुक्कुट आहार सब्सिडी का भुगतान DBT सेकुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान वर्तमान CBDC/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से किए जाने को मंजूरी दी गई।पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभागों के लिए महानिदेशक का पदपशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में आपसी समन्वय, पर्यवेक्षण, एकरूपता एवं प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का एक नवीन पद सृजित किए जाने को मंजूरी दी गई। इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण तथा केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिसरण में सहायता मिलेगी।1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल संवर्धन योजना का लाभउच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता एवं उद्यमिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 संचालित किए जाने को मंजूरी दी गई। योजना से राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। योजना पर पांच वर्षों में लगभग ₹200 करोड़ व्यय किए जाएंगे।निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधनराज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु निर्धारित नीति एवं मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक मूल्यांकन मानक भी निर्धारित किए जाएंगे।नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय को मंजूरीमुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। कार्यालय के क्षेत्राधिकार में तहसील नरेंद्रनगर के 98 तथा उप तहसील पावकी देवी के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम सम्मिलित होंगे। इससे क्षेत्रीय जनता को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।सौंदर्यीकरण उपशाखा को निक्षेपित करने की मंजूरीन्यायाधिकरण, देहरादून के आदेश एवं निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संस्तुति के दृष्टिगत शासनादेश 7 जनवरी 2022 द्वारा गठित सौंदर्यीकरण उपशाखा को निक्षेपित किए जाने को मंजूरी दी गई।उत्तराखंड भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधनउत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधन का उद्देश्य समय-समय पर संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी, सुचारू एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए प्रक्रिया एवं प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करना है।वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली को मंजूरीचिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।राजकीय मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारणराजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट एवं डेमोन्स्ट्रेटर की कमी को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी प्रदान की गई।मंत्रिमंडल के इन निर्णयों में प्रशासनिक सुधार, वित्तीय अनुशासन, भूमि एवं परिसंपत्ति प्रबंधन, स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई है।
Relief for pedestrians on Mussoorie’s Mall Road By Sunil Sonker Mussoorie, 22 Oct: The administration…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 22 Oct: In view of the continuously rising number of…
एसटीएफ और किच्छा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 7 किलो 50 ग्राम अवैध अफीम बरामद देहरादून/किच्छा।…
देहरादून। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह व…
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन पद की शपथ लेने के बाद पहली बार…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun Continuing their boycott, the representatives of the Congress party did…