
हल्द्वानी: हल्द्वानी रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज (मंगलवार) सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से पहले शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिले में विशेष रूप से बनभूलपुरा क्षेत्र को हाई-अलर्ट पर रखा गया है, जबकि हजारों परिवार फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं।

रेलवे का दावा है कि हल्द्वानी में उसकी 29 एकड़ भूमि पर करीब 4365 लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। मामला लंबे समय से अदालतों में चल रहा था, और आज सुप्रीम कोर्ट इस पर अपना फैसला सुना सकता है।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
सुनवाई से पहले हल्द्वानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा किया गया है।बनभूलपुरा में बाहरी लोगों और बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है,शहर का यातायात डायवर्ट किया गया है,ITBP और CRPF को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम नैनीताल बोले – आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया की “सुप्रीम कोर्ट का जो भी आदेश आएगा, उसका विधिक रूप से अनुपालन कराया जाएगा।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील है।”
अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
ड्रोन और सीसीटीवी से नज़र
कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है।7 ड्रोन संवेदनशील इलाकों की निगरानी करेंगे,कंट्रोल रूम से 12+ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी,किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सतर्क किया जाएगा।
कानून व्यवस्था पहली प्राथमिकता – SSP
नैनीताल SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा की “सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन कराना और कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी की तरह रहेगा।”
उन्होंने बताया कि पैरामिलिट्री फोर्स, RPF और पुलिस के जवान अत्याधुनिक हथियारों के साथ तैनात रहेंगे। सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बॉर्डर पर कड़ी चेकिंग
सुनवाई से एक दिन पहले सोमवार सुबह से ही जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है।हर वाहन की चेकिंग की जा रही है। पुलिस और RPF ने रेलवे स्टेशन परिसर में भी जवानों को ब्रीफ किया और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया।
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