

रुद्रप्रयाग। पिछले दस दिन जिले में आपदा की दृष्टि से काफी दुखदाई गुजरा। जिले के बसुकेदार व जखोली के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटना में नौ लोग लापता चल रहे हैं वहीं एक की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों की संख्या में आपदा पीड़ित राहत शिविरों में रह रहे हैं।
गत 28 अगस्त की मध्य रात्रि को भारी बारिश के जनपद के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से कई गांवों में बड़ी तबाही मची। भारी वर्षा के चलते तहसील बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से तालजामड़, बगड़तोक, कम्द तोक, स्यूर, किमाणा, अरखुंड, जौला बडेथ सहित आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आ गया।
तालजामड़ में सभी लोगों ने भागकर जान बचाई। सभी लोगों ने प्रावि तालजामड़ में शरण ली। इस क्षेत्र में एक हजार कृषि भूमि तबाह हो गई। यहां भारी मलबे और पानी से 5 दुकानें और 4 आवासीय भवन तबाह हो गए हैं। जिसमें नौ लोगों के मलबे में दब गए। एक दर्जन दुधारु पशु भी मलबे में दब गए।
वहीं 28 अगस्त की आपदा में ही जखोली ब्लाक मुख्यालय में एक महिला की मकान टूटने से मलबे में दबकर मौत हो गए। वर्तमान में ताजजामड़ में राहत शिविर लगाया गया है, जबकि बसुकेदार क्षेत्र में भी एक शिविर लगाया गया है, इन शिविरो में तीन सौ से अधिक आपदा पीड़ित लोग रह रहे हैं।
खास बातें:28 अगस्त की रात्रि को बसुकेदार, जखोली में बादल फटने व भूस्खलन की घटना से मची तबाहीतीन हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए, ढ़ाई सौ से अधिक भवनों को बना खतरातीन सौ लोग इस घटना में बेघर हुए हैंआपदा पीड़ित लोगों को बुनियादी समस्या से दोचार होना पड़ रहा हैस्वास्थ्य, यातायात, जरूरी सामान आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं से दोचार होना पड़ रहा है43 मोटर मार्ग अवरुद्ध चल रहे हैं, जिन्हें काफी नुकसान हुआ हैविस्थापन व पुर्नवास के लिए रिपोर्ट शासन के लिए तैयार की जा रही हैडेढ़ सौ करोड से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है
