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उत्तराखंड में सबसे पुराने मेले का आगाज, सीएम धामी बोले-पहाड़ी संस्कृति को बचाना जरूरी – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

The oldest fair begins in Uttarakhand, CM Dhami said – it is important to save the hill culture

Latest posts by Sapna Rani (see all)Uttarakhand News: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को 72वें गौचर मेले का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने चमोली में 4.93 करोड़ की लागत से उप संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया. इस दौरान पोखरी में रानौ-सिमखोली मोटर मार्ग, काफलपानी से भरतपुर तक मोटर मार्ग विस्तार और चमोली प्रेस क्लब के लिए कक्ष निर्माण जैसी परियोजनाओं की घोषणाएं की.गौचर मेला: राज्य का ऐतिहासिक उत्सवमुख्यमंत्री ने कहा कि गौचर मेला हमारे राज्य का एक ऐतिहासिक मेला है, जो संस्कृति, बाजार और उद्योग के समन्वय का प्रतीक है. इस मेले के माध्यम से राज्य की समृद्ध परंपराओं को संजोने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है.64 करोड़ 18 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यासजौलजीबी मेले के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने 64.47 करोड़ की 18 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस अवसर पर उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का निरीक्षण किया. जौलजीबी मेले को भारत-नेपाल-तिब्बत के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया. यह मेला छोटे व्यापारियों और कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का बड़ा मंच देता है.16 पौराणिक मंदिरों का विकासमुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम” की सराहना करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है. मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 16 पौराणिक मंदिरों का विकास किया जा रहा है.पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी सरकारमुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भी चर्चा की और कहा कि उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिल रही है. इसके अलावा, गोचर में हाल ही में शुरू की गई हेली सेवा से क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार क्रांति भट्ट और श्री गुरू राम राय एजुकेशन मिशन देहरादून को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया. मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया.मुख्यमंत्री का विजनमुख्यमंत्री ने पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है. मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजे पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिसमें लोक संगीत, चित्रकला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया जा रहा है.

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