देहरादून,प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने टिहरी जनपद में दलित युवक की निर्मम हत्या तथा चम्पावत में दलित युवक के सार्वजनिक अपमान की घटनाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 21वीं सदी के भारत में आज भी दलितों के साथ अमानवीय व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
मदन लाल ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार प्रदान करता है। संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है तथा अनुच्छेद 21 गरिमापूर्ण जीवन की गारंटी देता है। इसके बावजूद उत्तराखंड में दलित समाज के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव की घटनाएं राज्य की सामाजिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि 8 जून 2026 को टिहरी जनपद के देवल गांव निवासी केतन लाल की लोहे की कीलों से दागकर की गई निर्मम हत्या ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल हत्या नहीं, बल्कि दलित समाज के विरुद्ध घृणा से प्रेरित एक जघन्य अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि राज्य सरकार ने इस घटना पर समय रहते कठोर कार्रवाई की होती, तो 12 जून को मुख्यमंत्री के गृह जनपद चम्पावत में एक दलित युवक को जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी घटना नहीं होती।
मदन लाल ने कहा कि किसी व्यक्ति को जाति के आधार पर अपमानित करना न केवल उसकी व्यक्तिगत गरिमा पर आघात है, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना और अनुच्छेद 17 के अंतर्गत अस्पृश्यता उन्मूलन के सिद्धांत का भी खुला उल्लंघन है।
उन्होंने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में टिहरी जनपद में एक दलित युवक की केवल इसलिए हत्या कर दी गई थी क्योंकि उसने कुर्सी पर बैठकर भोजन किया था। इसी प्रकार वर्ष 2021 में चम्पावत में एक युवक की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने सवर्णों की बारात में स्वयं भोजन परोस लिया था। वहीं, चम्पावत के एक विद्यालय में दलित महिला द्वारा तैयार मध्याह्न भोजन को बच्चों द्वारा खाने से इनकार करना भी समाज में व्याप्त जातीय भेदभाव का उदाहरण है।
मदन लाल ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 46 राज्य सरकार को अनुसूचित जातियों और कमजोर वर्गों को सामाजिक अन्याय एवं शोषण से संरक्षण देने का दायित्व सौंपता है, किंतु भाजपा सरकार इन मामलों में या तो मौन रहती है अथवा औपचारिक कार्रवाई तक सीमित दिखाई देती है।
उन्होंने मांग की कि टिहरी और चम्पावत की घटनाओं के दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश में दलित समाज के विरुद्ध अत्याचारों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।
मदन लाल ने जानकारी दी कि प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग द्वारा 15 जून 2026 को प्रातः 10:30 बजे देहरादून स्थित घंटाघर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में अनुसूचित जाति विभाग देहरादून महानगर अध्यक्ष करण घाघट, प्रदेश महामंत्री संजय गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल घाघट तथा नोहर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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