वरिष्ठ पत्रकार और लोकगायक अजय ढोंडियाल का गाया गया गीत ‘के संध्या झूली’ को भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया शेयर

वरिष्ठ पत्रकार और लोकगायक अजय ढोंडियाल का गाया गया गीत ‘के संध्या झूली’ को भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया शेयर




वरिष्ठ पत्रकार और लोकगायक अजय ढोंडियाल का गाया गया गीत ‘के संध्या झूली’ को भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया शेयर

देहरादून। उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार और लोकगायक का गाया गया गीत ‘के संध्या झूली’ भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म youtube पर शेयर किया है। इस गीत का देशभक्ति और सेना से कोई लेना देना नहीं है, फिर भी सेना को इसमें देशप्रेम लगा होगा तो शायद तभी शेयर किया होगा। आपको बता दें कि डॉ अजय का ये गीत बेडू पाको की तर्ज़ पर भारतीय सेना ने स्वीकार कर सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
इस गीत को आकाशवाणी से कबूतरी देवी और हीरा सिंह राणा ने अपने अपने अंदाज़ में पहचान दी। स्वर्गीय हीरा सिंह राणा ने इस लोकगीत को अपने नये शब्दों के साथ नये अंदाज़ में गाया था। करीब 5 महीने पहले ये गीत डॉ अजय ढोंडियाल की आवाज में youtube पर आया, इस गीत को पांडवाज़ ने अपने संगीत से सजाया, गीत बहुत पहुत हिट हुआ और लोगों ने इसको पसंद किया। यहां ये ज़रूर बताना चाहेंगे कि गीत के हिट होने का पैमाना youtube के दर्शकों की संख्या से नहीं है। गीत अभी तीन प्लेटफार्म पर है। स्वर्गीय राणा जी, पांडवाज़ और भारतीय सेना के youtube पर, हमें गर्व है कि पहाड़ लोक के मूल गीत से बढ़ कर कुछ नहीं, इस बारे में जब वरिष्ठ पत्रकार और लोकगायक डॉ अजय ढोंडियाल से हमने बात की तो उन्होंने सिर्फ ये कहा कि ये मेरे लिए गौरव का पल है।

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