
शहर के खजराना क्षेत्र से पत्र लिखकर गायब हुए 10वीं के छात्र रुद्र को पुलिस ने चार दिन बाद उत्तराखंड से बरामद कर लिया। वह गुप्तकाशी क्षेत्र में रुका हुआ था। पुलिस को बताया कि वह प्रेमानंद महाराज की रील देखता था। उनके वचनों से प्रभावित हो गया और आध्यात्म से जुड़ने के लिए घर छोड़ दिया।
पुलिस उसे वृंदावन में तलाश रही थी, इसी बीच किशोर ने आधार कार्ड के लिए पिता को कॉल किया। जिसके बाद इंदौर पुलिस ने रुद्रप्रयाग पुलिस की मदद से उसे बरामद कर लिया। रविवार को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।
बता दें कि रुद्र पांडे ने 12 मार्च को पत्र लिखकर घर से निकला था, जिसमें उसने प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन जाने और “असली परिवार” के पास जाने की बात लिखी थी। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘मैं रुद्र पांडे आ रहा हं महाराज जी, आपके चरणों में। मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। मम्मी पापा मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया अब मैं चलता हूं।’
वह जाने के पहले घर से 1000 रुपए लेकर गया था और लिखकर गया कि यह रुपए उसका दोस्त आपको लौटा देगा। पुलिस ने इसके बाद अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी खोज शुरू की थी।
