जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में किया प्रतिभाग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल – डामटा – म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना – बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को PMGSY में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है।
मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति नरेन्द्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

shivani Rawat

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