कोटद्वार में कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर राजनीतिक और प्रशासनिक चिंता का विषय बन गया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस प्रकरण पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दीपक कुमार का समर्थन किया। उन्होंने दीपक को संविधान और मानवीय मूल्यों के पक्ष में खड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि ऐसे लोग नफरत और भय के माहौल में उम्मीद की मिसाल हैं। अपने संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जानबूझकर सामाजिक और आर्थिक विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है और उत्तराखंड में भी असामाजिक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने शांति को विकास की बुनियाद बताते हुए दीपक जैसे लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही।
उधर, बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद कोटद्वार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पटेल मार्ग स्थित एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद के बाद शनिवार को देहरादून और हरिद्वार से आए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके मद्देनज़र पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है और बीते दो दिनों से रात के समय लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं।
संभावित अशांति को देखते हुए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। यूपी–उत्तराखंड सीमा पर कौड़िया चौकी के पास शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की जा रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों को कोटद्वार बुलाया गया है, जबकि दो प्लाटून पीएसी की तैनाती भी की गई है।
जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं और कपड़े की दुकान से जुड़े पक्ष के समर्थकों के बीच तीखी बहस और झड़प हुई थी। इसके बाद एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे आक्रोश बढ़ गया। शनिवार को बाहरी जिलों से पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पहले पटेल मार्ग और फिर मालवीय उद्यान में प्रदर्शन किया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से मिली तहरीरों के आधार पर मामले की जांच जारी है। बजरंग दल की ओर से स्वयं को मोहम्मद दीपक बताने वाले जिम संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इसी बीच रविवार को हरिद्वार और देहरादून से तीन–चार जिम संचालक दीपक से मिलने कोटद्वार पहुंचे। पुलिस ने उन्हें संदिग्ध मानते हुए थाने में पूछताछ के बाद छोड़ दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी दीपक को थाने बुलाकर जानकारी ली। कोतवाल प्रदीप नेगी ने स्पष्ट किया कि बाहर से आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर जमीअत उलेमा-ए-हिंद, उत्तराखंड ने भी चिंता जताई है। संगठन ने डीजीपी को पत्र लिखकर दीपक कुमार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हुए हमले के दौरान दीपक ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई थी, जिसके बाद से उन्हें धमकियां मिल रही हैं। जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि मानवीय और संवैधानिक कर्तव्य निभाने वाले नागरिक को निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने भी कोटद्वार में तोड़फोड़ के प्रयास में शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
Relief for pedestrians on Mussoorie’s Mall Road By Sunil Sonker Mussoorie, 22 Oct: The administration…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 22 Oct: In view of the continuously rising number of…
एसटीएफ और किच्छा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 7 किलो 50 ग्राम अवैध अफीम बरामद देहरादून/किच्छा।…
देहरादून। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह व…
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन पद की शपथ लेने के बाद पहली बार…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun Continuing their boycott, the representatives of the Congress party did…