उत्तराखंड
Share0
*सैन्य सम्मान के साथ आईटीबीपी के दिवंगत एस आई भीम सिंह नेगी का हुआ अंतिम दाह संस्कार*चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ आईटीबीपी के जवान का उनके पैतृक घाट अलकनंदा नदी तट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनकी चीता को उनके पुत्र गौरव नेगी सहित पारिवारिक जनो ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर आईटीबीपी 8 वीं बटालियन गौचर के जवानों द्वारा सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी गई।भीम सिंह नेगी आईटीबीपी की 42 वीं बटालियन राजस्थान में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। स्वास्थ्य खराब होने पर उनका पिछले एक माह से इलाज आईटीबीपी के अस्पताल फरीदाबाद में चल रहा था। विगत 27 जून को उन्होंने अस्पताल फरीदाबाद में अंतिम सांस ली।सरकारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भीम सिंह नेगी के पार्थिव शव को आईटीबीपी दिल्ली के इंस्पेक्टर दयाल चंद जोशी, इंस्पेक्टर योगेश्वर सिंह एवं 8 वीं वाहिनी गौचर के इंस्पेक्टर बलवीर सिंह द्वारा 28 जून को देर शाम गौचर स्थित 8 वीं बटालियन आईटीबीपी में लाया गया। जहां से आज प्रातः 9 बजे आईटीबीपी के वाहन में जवान के पार्थिव शव को उनके गृह स्थान स्यालता चट्टवापीपल लाया गया जहां जवान को श्रद्धांजलि देने जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।सैनिक की पत्नी उर्मिला नेगी का रो – रो कर बुरा हाल है। सैनिक भीम सिंह के माता – पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। भीम सिंह नेगी अपने चारों भाइयों में सबसे छोटा था। तीनों भाइयों की मृत्यु हो चुकी है। उनका एक ही पुत्र है। आईटीबीपी के इंस्पेक्टर दयाल चंद जोशी ने बताया कि उप निरीक्षक भीम सिंह नेगी पिछले एक माह से अस्वस्थ थे, जिनका उपचार आईटीबीपी फरीदाबाद के अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने 27 जून को अंतिम सांस ली।इस अवसर पर आईटीबीपी के अधिकारियों व जवानों के साथ कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल, कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष मुकेश नेगी, कांग्रेस सेवा दल प्रदेश अध्यक्ष अजय किशोर भंडारी, ज्येष्ठ प्रमुख प्रदीप चौहान, पंडित प्रदीप लखेड़ा , शिव चरण बिष्ट, प्रकाश रावत, संजय बिष्ट सहित स्थानीय गांवों के लोग ने दिवंगत हुऐ जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
Share0
‘थूक और लव जिहाद’ बर्दाश्त नहीं! उधम सिंह नगर में गरजे सीएम पुष्कर सिंह धामी,…
बीएलओ प्रशिक्षण, हेल्प डेस्क, डेटा गुणवत्ता और जनजागरुकता पर विशेष जोर, लापरवाही पर कार्रवाई की…
एसआईआर प्रशिक्षण में राजनीतिक दलों, बीएलओ और प्रशासन को दी गई जिम्मेदारी, लोकतंत्र की मजबूती…
हरिद्वार: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू होने के बाद हलाला और तीन…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun Former governor of Maharashtra and former chief minister of Uttarakhand,…
चार साल में 30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…