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अंकिता केस में वीआईपी जांच के लिए CBI को पत्र, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से नार्को टेस्ट की तैयारी – myuttarakhandnews.com

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार ने सोमवार को सीबीआई जांच के लिए पत्र भेज दिया। सचिव-मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने बताया कि अंकिता के माता-पिता की भावना के अनुरूप वीआईपी की भूमिका की जांच का अनुरोध किया गया है। वहीं, मामले में घिरे पूर्व विधायक सुरेश राठौर नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे, जहां इंस्पेक्टर राजेश साह और राकेश शाह ने उनसे लंबी पूछताछ की। राठौर ने नार्को टेस्ट पर अपनी सहमति दी।
सूत्रों के अनुसार पत्र में सरकार ने अंकिता हत्याकांड का ब्योरा दिया है। बता दें कि अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने सात जनवरी को सीएम से देहरादून में मुलाकात कर वीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने का भी अनुरोध किया था। विधिक पहलुओं का अध्ययन करने के बाद मुख्यमंत्री ने नौ जनवरी को वीआईपी की भूमिका और आगे की पड़ताल के लिए सीबीआई से जांच कराने का ऐलान किया था। धामी ने कहा कि सरकार बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए शुरू से प्रतिबद्ध है। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वायरल ऑडियो-वीडियो मामला तूल पकड़ाअंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर वायरल किए गए कथित ऑडियो-वीडियो प्रकरण में सोमवार देर रात जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली। इस मामले में घिरे पूर्व विधायक सुरेश राठौर नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे, जहां इंस्पेक्टर राजेश साह और राकेश शाह ने उनसे लंबी पूछताछ की। राठौर ने नार्को टेस्ट पर अपनी सहमति दी।
पुलिस का मुख्य फोकस सोशल मीडिया पर वायरल उस ऑडियो पर रहा, जिसमें कथित तौर पर पूर्व विधायक की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। इस पर राठौर ने कहा कि इस ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी हो सकती है, पर उस समय वह पूरी तरह से होश में ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि निजी समस्याओं के चलते उन्हें नींद न आने की परेशानी रहती है, जिस कारण उनको नींद की गोलियां लेनी पड़ती हैं। राठौर से अभिनेत्री उर्मिला सनावर से उनके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई।
‘सहमति के बिना रिकॉर्ड की आवाज’पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि यह बातचीत सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। हालांकि, पुलिस उनके जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखी। पुलिस ने वॉयस सैंपल देने को कहा, ताकि फॉरेंसिक लैब में मिलान कराया जा सके।
पूर्व विधायक के सामने रखा विकल्पपुलिस ने पूर्व विधायक के सामने नार्को टेस्ट का विकल्प भी रखा। इस पर राठौर ने सहमति दे दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।

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