चारधाम यात्रा पर होने जा रहा महामंथन, ये होगा बैठक का एजेंडा – myuttarakhandnews.com

देहरादून: उत्तराखंड के लिए चारधाम यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था और पहचान का भी एक अहम आधार है. हर साल लाखों श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए प्रदेश पहुंचते हैं. परंपरा के अनुसार चारों धामों के कपाट आमतौर पर अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के पहले पखवाड़े में खुलते हैं. भले ही इस वर्ष अभी कपाट खुलने की आधिकारिक तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने यात्रा की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं.
इसी क्रम में चार धाम यात्रा को लेकर पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है. यह बैठक ऋषिकेश में होगी, जिसमें यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक में दो अहम बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा. पहला पिछली यात्रा के दौरान आए अनुभवों के आधार पर समीक्षा और सुधार की जरूरतों पर चर्चा की जाएगी. पिछली यात्रा में किन व्यवस्थाओं ने अच्छा काम किया और किन क्षेत्रों में कमियां रहीं, इस पर विस्तार से मंथन होगा ताकि आगामी यात्रा को और बेहतर बनाया जा सके.
चारधाम यात्रा को लेकर मंथनदूसरा बड़ा विषय आगामी यात्रा के दौरान किन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना है, इस पर केंद्रित रहेगा. खास तौर पर आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. इसमें यात्रा मार्गों की स्थिति, सड़क और पुलों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस सेवा, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन जैसे विषय शामिल होंगे. साथ ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा.
जिला स्तर से आने वाले प्रस्तावों पर भी बैठक में चर्चा होगी. जिलों द्वारा भेजे गए सुझावों और मांगों को समय रहते स्वीकृति देकर काम शुरू किया जाए, इस पर सहमति बनाई जाएगी. अधिकारियों को समयबद्ध रूप से काम पूरा करने के लक्ष्य दिए जाएंगे, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं धरातल पर उतर सकें.
खास बात यह है कि पहली बैठक के करीब 20 से 25 दिन बाद एक और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. यह बैठक यात्रा से जुड़े स्टेकहोल्डर्स के साथ होगी. इसमें तीर्थ पुरोहित, होटल एसोसिएशन, डंडी-कंडी, चॉपर एसोसिएशन और ट्रांसपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे. उनका फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी. गौरतलब है कि पिछली चार धाम यात्रा में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे थे.
इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करना एक बड़ी चुनौती होती है. इसलिए यदि इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, तो वैकल्पिक व्यवस्थाओं और अतिरिक्त संसाधनों की योजना पर भी विचार किया जाएगा.उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए हर साल गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में यात्रा से पहले विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाती है. इसी कड़ी में यात्रा से पहले होने वाली यह पहली बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, जो आने वाली यात्रा की दिशा और गुणवत्ता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks