

Many big decisions taken in Uttarakhand cabinet, know details hereइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। जिनमें स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी बनाने, सड़कों पर घूम रहे करीब 16,000 निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाएं स्थापित करने और संबंधित नीति में बदलाव जैसे लगभग 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। हालांकि उपनल कर्मियों को उम्मीद थी कि उनके नियमितीकरण से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जाएगा, लेकिन ऐसा कोई निर्णय न होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। आपको बता दें कि उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (UPNL) के माध्यम से काम करते हैं। ये कर्मचारी मुख्य रूप से विभिन्न विभागों में संविदा पर काम करते हैं, और उनकी नियुक्ति उपनल द्वारा की जाती है।मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजनाकैबिनेट ने इस योजना में संशोधन को मंजूरी दी है। पहले साल में तीस करोड़ की मदद से 2000 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, महिलाओं को दो लाख तक के प्रोजेक्ट पर डेढ़ लाख की सब्सिडी सरकार देगी।पर्यटन को बढ़ावाबैठक में तीर्थयात्रियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। जिसमें फैसला किया गया कि तपोवन से कुंजापुरी-नरेंद्रनगर रोपवे निर्माण के लिए पर्यटन विभाग टेक्निकल पार्टनर का चयन करेगा तथा बाहरी राज्यों के कॉमर्शियल और हैवी वाहनों पर लगने वाले ग्रीन सेस में 28 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही इसकी वसूली फास्टैग के माध्यम से करने का भी निर्णय हुआ है।स्वरोजगार को बढ़ावाराज्य में स्वरोजगार पर फोकस करते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई पोल्ट्री नीति लेकर आई है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना में संशोधन को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत महिलाओं को दो लाख तक के प्रोजेक्ट पर डेढ़ लाख की सब्सिडी मिलेगी।नई पोल्ट्री नीतिशुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने नई पोल्ट्री नीति लेकर आई. इसके तहत राज्य में 55 बड़े पोल्ट्री फॉर्म खोले जाने को हरी झंडी दे दी गई है। उत्तराखंड को हर साल 154 करोड़ अंडे और चार करोड़ किलो पोल्ट्री मीट दूसरे राज्यों से आयात होता है। इस निर्भरता को कम करने और राज्य में स्वरोजगार पैदा करने के लिए यह नीति लाई गई है।बता दें कि उत्तराखंड में सालाना 54 करोड़ अंडों और एक करोड़ किलो चिकन का उत्पादन होता है, जबकि खपत कहीं अधिक है। राज्य को 154 करोड़ अंडे और चार करोड़ किलो मीट हर साल हरियाणा-पंजाब और यूपी जैसे राज्यों से आपूर्ति होती है। नई पोल्ट्री नीति के तहत 15 हजार से 30 तीस हजार बर्ड्स वाले पोल्ट्री फॉर्म खोलने पर पहाड़ी क्षेत्रों में 40% और मैदानी क्षेत्रों में 30% सब्सिडी दी जाएगी।
